यूपी विधानसभा चुनाव के मुद्दे पर न्यूज़ 18 इंडिया चैनल आयोजित एक डिबेट में बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने और हिंदुओं और हनुमान जी की शक्ति में समानता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हिंदू, हनुमान जी की तरह अपनी शक्ति भूले हुए थे। इसके जवाब में मुस्लिम स्कॉलर शोएब जमई ने कहा कि भारतीय राजनीति धर्म आधारित नहीं रही है। 2014 से पहले इस देश में प्रधानमंत्री दिवाली और ईद दोनों मनाते थे।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, दुनिया में एकमात्र मुल्क हिंदुस्तान है जिसमें सभी धर्मों के लोग रहते हैं। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद भक्ति की ऐसी बयार आई कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री चंडी पाठ करने लगीं और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी देवी की स्तुति करने लगी हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हनुमान चालीसा पढ़ने लगे हैं और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी कुर्ते के ऊपर जनेऊ पहने हुए दिखाई दे चुके हैं। अब ये सारे नेता अपना गोत्र भी बताते हैं।
इसके जवाब में मुस्लिम स्कॉलर शोएब जमई ने कहा कि उद्धव ठाकरे बीजेपी वालों को नकली हिंदू बता चुके हैं। ये लोग देश को तोड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा, जो लोग यह बात कहते हैं कि 2014 के पहले कुछ नहीं था वे व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी की उपज हैं। इनके हिसाब से 2014 के बाद ही भारत का जन्म हुआ है उससे पहले भारत समंदर में था।
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उन्होंने कहा, कई राज्यों के हिंदू आपके साथ नहीं है, केवल वही हिंदू आपके साथ हैं जो 2 रुपए पाकर ट्वीट करते हैं।
इस डिबेट पर कई ट्विटर यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। संजीव कुमार लिखते हैं, हिंदुओं को पहले महंगाई और बेरोजगारी पर नोटबंदी और जीएसटी की चोट देकर मारा गया। अब महंगाई बढ़ाकर मारा जा रहा है। दीपेश लिखते हैं कि चुनाव आते ही हिंदू—मुसलमान शुरू हो जाता है। इसके बगैर तो कोई चुनाव जीत ही नहीं सकता।
