जज लोया की मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद शुरू प्रतिक्रियाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भाजपा और कांग्रेस के बाद अब आम आदमी पार्टी (AAP) के एक विधायक ने इस मामले पर ऐसा बयान दिया कि लोग उलटे उन्‍हें ही खरी-खोटी सुनाने लगे। दिल्‍ली के चांदनी चौक से AAP विधायक अलका लांबा ने शीर्ष अदालत का फैसला आने के बाद कहा, ‘सुना है उसने अदालतों के जजों तक को खरीद लिया है।’ उनकी टिप्‍पणी के बाद लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं। श्‍वेता ने ट़वीट किया, ‘अलका यह सब बात सुनती कहां से हैं। आखिर इसका सोर्स क्‍या है। मतलब की आप कुछ भी बोल देती हैं।’ नवीन राय ने ट्वीट किया, ‘देश की जनता समझ चुकी है, बस ये आप वालों को समझ नहीं आ रहा है। ये लोग फिर माफी मांगेंगे।’ संतोष मेवाड़ ने लिखा, ‘मैडम काश उन्‍होंने जजों को खरीद लिया होता।’ बिमल सक्‍सेन ने ट्वीट किया, ‘अपनी पार्टी के फोरम में सुना था क्‍या? इत्‍ते झुठ्ठे तो सिर्फ आप लोग ही हैं।’ ऋतु राजन ने ट्वीट किया, ‘दिमाग में इतना कचरा कहां से लाती हैं?’ प्रकाश रामचंदानी ने लिखा, ‘सिर्फ सुनते हैं? कभी अपनी अक्‍ल का भी इस्‍तेमाल करें।’

जज लोया की वर्ष 2014 में मौत हो गई थी। वह उस वक्‍त सीबीआई जज थे और सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामले की सुनवाई कर रहे थे। इसमें भाजपा के मौजूदा राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह भी आरोपियों में थे। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने की मांग को लेकर शीर्ष अदालत में याचिका दायर की गई थी, जिसे मुख्‍य न्‍यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्‍यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने 19 अप्रैल को खारिज कर दिया था। इसके बाद प्रतिक्रियाओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। मुख्‍य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कहा था कि जांच के बिना सुप्रीम कोर्ट ने यह निष्‍कर्ष कैसे निकाल लिया कि इस मामले में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं है। वहीं, माकपा ने कहा था जिन परिस्थितियों में जज लोया की मौत हुई हैं उससे कई सवाल खड़े हुए हैं, ऐसे में बड़ी पीठ को इस मामले की समीक्षा करनी चाहिए।