क्या आप भी अक्सर यात्रा करने वालों में से हैं और आईडी कार्ड व अन्य जरूरी दस्तावेज़ों को संभालने में परेशान हो जाते हैं? तो अब आपके लिए अच्छी खबर है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने iOS और Android डिवाइसेज के लिए नया आधार मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। इसके जरिए UIDAI का उद्देश्य भारतीय निवासियों को अपना आधार कार्ड साथ रखने का एक अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित तरीका ऑफर करना है।

नए आधार ऐप में क्या-कुछ है खास?

Aadhaar Act of 2016 के बाद से आधार करोड़ों भारतीयों के लिए एक विशिष्ट पहचान संख्या बन गया है। अब तक, mAadhaar ऐप के जरिए लोग अपनी आधार जानकारी देख सकते थे, वर्चुअल आईडी जनरेट कर सकते थे, ई-आधार डाउनलोड करने जैसे जरूरी काम कर सकते थे। लेकिन अब नया लॉन्च किया गया आधार ऐप सिर्फ mAadhaar का अपडेट भर नहीं है। यह सुरक्षा और सुविधा दोनों में बेहतर अनुभव ऑफर करता है।

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नए ऐप के साथ यूजर्स अपने स्मार्टफोन में ही अपनी आधार आईडी डिजिटली स्टोर कर सकते हैं। यानी फिजिकल कार्ड साथ रखने की जरूरत नहीं है। जानकारी के मुताबिक, नए ऐप में फेस-स्कैन ऑथेंटिकेशन और बायोमीट्रिक लॉक फीचर्स दिए गए हैं जिसका मतलब है कि सिर्फ रजिस्टर्ड यूजर ही ऐप में आधार प्रोफाइल को एक्सेस कर सकते हैं।

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यह ऐप आधार डिटेल को क्यूआर कोड या वेरिफ़ायबल क्रेडेंशियल्स के जरिए शेयर करने की सुविधा देता है और वह भी मास्क्ड फॉर्म में। ताकि आपको अपना पूरा 12-अंकों का आधार नंबर दिखाना न पड़े। इसके अलावा, यह यूजर्स को कम से कम पांच आधार प्रोफाइल बनाने और उन्हें एक ही डिवाइस पर मैनेज करने की अनुमति देता है, बशर्ते वे सभी एक ही रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लिंक हों। इसके अलावा, यह ऐप कुछ फीचर्स ऑफलाइन भी इस्तेमाल करने की सुविधा देता है, खासकर उन एरिया में जहां नेटवर्क कनेक्टिविटी कमजोर होती है।

UIDAI ने गिनाए नए ऐप के फायदे

नए ऐप लॉन्च के एक हफ्ते से ज्यादा समय बाद, बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत आने वाले इस वैधानिक निकाय ने हितधारकों के साथ “Offline Verification using the Aadhaar App” विषय पर एक वेबिनार आयोजित किया। इस ऐप के साथ आधार नागरिक, अपनी डिटेल्स दूसरे यूजर्स के साथ शेयर कर पाएंगे। इसके लिए उनके पास यह ऑप्शन होगा कि वे सरकारी आईडी में मौजूद सभी जानकारी साझा करें या फिर कुछ डिटेल छिपाते हुए केवल जरूरी जानकारी ही साझा करें।

UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार ने कहा कि ऑफलाइन वेरिफिकेशन यूजर्स और संस्थाओं दोनों के लिए फायदेमंद होगा क्योंकि यह पहचान वेरिफिकेशन के लिए “सुरक्षित, सुविधाजनक और प्राइवेसी-प्रोटेक्टेड तरीका” ऑफर करेगा। इससे फिजिकल आधार कार्ड और उसकी फोटोकॉपी शेयर करने की जरूरत भी कम होगी जो अक्सर “संभावित फ्रॉड एक्टिविटीज” का कारण बनती है। UIDAI अधिकारियों ने यह भी बताया कि नए आधार ऐप के माध्यम से ऑफलाइन वेरिफिकेशन कई परिस्थितियों में काम का साबित होगा- जैसे होटलों में चेक-इन के दौरान, रेजिडेंशियल सोसायटियों में एंट्री करते समय और इवेंट्स में पहुंच के लिए- जहां भारतीय निवासियों से आमतौर पर आधार कार्ड की फिजिकल कॉपी या फोटोकॉपी मांगी जाती है।

नए आधार ऐप से क्या होगा?

फोटोकॉपी या फिजिकल कार्ड साथ ले जाना अक्सर झंझट भरा होता है। आपके स्मार्टफोन पर आधार कार्ड का इंस्टेंट एक्सेस समय बचाता है और अधिक सुविधाजनक भी है। दूसरा, नए ऐप में फेस अनलॉक/बायोमेट्रिक लॉक की सुविधा है जो आपके डिवाइस के चोरी होने या किसी को दिए जाने की स्थिति में आधार के दुरुपयोग की संभावना को काफी कम कर देता है। साथ ही, क्यूआर-आधारित या मास्क्ड शेयरिंग का मतलब है कि हर वेरिफ़िकेशन पर आपकी पूरी पहचान उजागर नहीं होती।

यह ऐप मल्टी-प्रोफाइल क्षमता के साथ फैमिली मैनेजमेंट के लिए भी आदर्श है क्योंकि इससे माता-पिता अपने बच्चों या परिवार के अन्य सदस्यों के आधार विवरण एक ही डिवाइस से मैनेज कर सकते हैं। यह खासतौर पर उन घरों में उपयोगी है, जहां सभी का फिजिकल कार्ड संभालना परेशानी भरा होता है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पेपरलेस और तेज वेरिफिकेशन की सुविधा देता है। ऐप वेरिफ़ायबल क्रेडेंशियल्स और डिजिटल शेयरिंग को सपोर्ट करता है जो भारत के पेपरलेस गवर्नेंस की दिशा में कोशिशों के अनुरूप है। इससे सर्विसेज तक पहुंच आसान होने, देरी कम होने और बार-बार फिजिकल दस्तावेज जमा कराने की जरूरत घटने की संभावना है।

रिपोर्ट्स के अनुसार ऐप का इंटरफेस पहले के ऐप्स की तुलना में ज्यादा यूजर-फ्रेंडली है, जिससे यह टेक-सेवी और आम दोनों तरह के यूजर्स के लिए उपयुक्त बन जाता है।

आधार से जुड़ी जरूरी बातें

जिन लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं है या जिनके फोन पुराने/लो-स्पेक हैं, उनके लिए यह ऐप बहुत मददगार नहीं होगा। इसलिए फिजिकल आधार कार्ड अभी भी जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में कमजोर नेटवर्क कनेक्टिविटी भी चुनौती बन सकती है। कुछ रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि नए आधार ऐप में अभी mAadhaar की सभी सुविधाएं नहीं हैं- जैसे डिजिटल कार्ड PDF डाउनलोड करना, PVC कार्ड ऑर्डर करना, ईमेल/मोबाइल नंबर वेरिफ़ाई करना और वर्चुअल ID जनरेट करना।

एक और संभावित समस्या यह है कि मल्टी-प्रोफाइल फीचर लिंक्ड मोबाइल नंबर पर निर्भर करता है। यानी कई प्रोफाइल जोड़ने के लिए सभी आधार एक ही रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लिंक होने चाहिए। जिन परिवारों में अलग-अलग नंबर काम के होते हैं, उनके लिए यह मुश्किल पैदा कर सकता है।

नया आधार ऐप कैसे सेटअप करें?

-Google Play Store या Apple App Store से Aadhaar App डाउनलोड करें (यह दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है)।

-अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें, OTP प्राप्त करें और फेस-स्कैन या बायोमेट्रिक के जरिए ऑथेंटिकेट करें।

-अपना आधार प्रोफाइल एड करें।

-अगर अतिरिक्त प्रोफाइल (अधिकतम पांच) जोड़नी हों तो सुनिश्चित करें कि वे सभी एक ही मोबाइल नंबर से लिंक हों।

-सेटअप पूरा होने के बाद आप आधार डिटेल्स देख सकते हैं, QR कोड प्राप्त कर सकते हैं, वेरिफायबल क्रेडेंशियल्स शेयर कर सकते हैं, बायोमेट्रिक्स लॉक/अनलॉक कर सकते हैं आदि।

नया ऐप सेटअप मोबाइल नंबर पर आधारित है। शुरू करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपके आधार में सही मोबाइल नंबर अपडेट हो। अगर बदलाव की जरूरत है तो UIDAI सेंटर पर जाकर अपडेट कराएं।

mAadhaar vs नया आधार ऐप: क्या बदला

पुराना mAadhaar ऐप
  • आधार जानकारी देखना
  • वर्चुअल ID जनरेशन
  • ई-आधार डाउनलोड
  • PDF डाउनलोड सुविधा
  • PVC कार्ड ऑर्डर
  • ईमेल/मोबाइल वेरिफिकेशन
नया आधार ऐप 2025
  • Face Unlock Authentication
  • बायोमेट्रिक लॉक सुरक्षा
  • QR Code शेयरिंग
  • मास्क्ड डेटा शेयरिंग
  • 5 प्रोफाइल मैनेजमेंट
  • ऑफलाइन वेरिफिकेशन
  • PDF डाउनलोड अभी नहीं
  • PVC कार्ड ऑर्डर नहीं
  • वर्चुअल ID जनरेशन नहीं
नया ऐप सुरक्षा और प्राइवेसी पर फोकस, पुराने फीचर्स जल्द जुड़ेंगे
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