कुछ देश जरूर कोरोना संक्रमण के खतरे से बाहर आते दिख रहे हैं पर अब भी इस महामारी के इलाज और इसके पक्के रोकथाम को लेकर वैज्ञानिक कोई बड़ी सफलता प्राप्त नहीं कर पाए हैं। आलम यह है कि कोविड-19 के लक्षण तक को लेकर अब तक विशेषज्ञों की कोई अंतिम राय नहीं बन पाई है। इस कारण इस महामारी से निपटने में न सिर्फ रणनीतिक समस्याएं सामने आ रही हैं बल्कि लोगों को भी नहीं समझ आ रहा कि वे किन बातों और लक्षणों को कोरोना संक्रमण के पक्के लक्षण के तौर पर मानें और फिर आगे उसमें किस तरह का एहतियात बरतें। बहरहाल ऐसे में ज्यादा दुविधा में रहने के बजाय हम अब तक के अनुभवों के आधार पर कुछ अहम बातों को तो अपनी समझदारी में शामिल कर ही सकते हैं।
सबसे पहली बात यह कि खांसी, जुकाम, गले में दर्द या बुखार को लेकर हम कैसे तय करें कि ये कोरोना के लक्षण हैं। हमें यह बात समझनी होगी कि हर वायरल संक्रमण एक जैसा नहीं होता। इनमें सबसे आम होता है जुकाम, जिसे हम ‘कॉमन कोल्ड’ के तौर पर ज्यादा जानते हैं। इसके बाद है ‘इन्फ्लुएंजा’, जिसे संक्षिप्त कर ‘फ्लू’ का नाम दिया गया है। फिर है नोवल कोरोना विषाणु का संक्रमण, जिसकी चर्चा कोविड-19 महामारी के तौर पर आज पूरी दुनिया में है। अब तक के अनुभवों और अध्ययनों में नोवल कोरोना विषाणु के संक्रमण के शुरुआती लक्षण काफी हद तक जुकाम या फ्लू जैसे ही होते हैं। पर ऐसे लक्षणों को लेकर एक-दो बात खासतौर पर समझ लेनी चाहिए।
जुकाम और फ्लू में अंतर
कई बार डॉक्टरों के लिए भी यह पता लगाना मुश्किल होता है कि मरीज को इन्फ्लुएंजा हुआ है, कॉमन कोल्ड या कुछ और। कॉमन कोल्ड में ज्यादातर लोगों के गले में खराश होती है, नाक बहने लगती है और उसके बाद खांसी शुरू होती है। इसके अलावा सिरदर्द और बुखार कई दिनों तक रहता है, जिससे मरीज कमजोर महसूस करने लगता है। इससे अलग फ्लू या फिर इन्फ्लुएंजा में सब कुछ एक ही साथ हो जाता है। इसमें सिर के साथ मांसपेशियों में भी दर्द होता है।
सूखी खांसी होती है और गला बैठ जाता है। गले में काफी दर्द होता है। स्थिति इतनी बिगड़ती है कि बुखार 105 डिग्री तक जा सकता है। भूख भी नहीं लगती और घंटों नींद आती। अच्छी बात यह है कि कॉमन कोल्ड कुछ दिनों में ही ठीक हो जाता है। एक हफ्ते बाद तो सारे ही लक्षण गायब हो जाते हैं। वहीं फ्लू खासा समय लेता है। इसमें एक हफ्ते तक तो आप बिस्तर से उठ भी नहीं पाएंगे। पूरे लक्षण जाने में और फिर से चुस्त-दुरुस्त होने में कई हफ्ते लग जाते हैं।
कोविड-19 : सामान्य लक्षण
’ बुखार ’ सूखी खांसी
’ सांस लेने में तकलीफ
’ थकान और मांसपेशियों में दर्द
कोविड-19 : संभावित लक्षण
’ बलगम बनना ’ बलगम में खून आना
’ सिरदर्द ’ दस्त
कोविड-19 : संक्रमण और अध्ययन
डॉक्टरों की राय में बहती नाक या गले में खराश का मतलब सामान्य स्थिति में यह है कि आपको फ्लू या कॉमन कोल्ड हुआ है। इन बीमारियों में हमारी श्वसन प्रणाली (रेस्पिरेटरी सिस्टम) का ऊपरी हिस्सा संक्रमित होता है। गौरतलब है कोविड-19 के मामले में श्वसन प्रणाली का ऊपरी नहीं बल्कि निचला हिस्सा प्रभावित होता है। हालांकि ऐसी स्थिति में भी सलाह यही है डॉक्टर से उचित राय ली जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि संक्रमण के नए मामलों के अध्ययन के बाद अमेरिकी हेल्थ एजेंसी सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने कोरोना के छह नए लक्षणों की सूची जारी की है। सीडीसी की पहले की सूची में तीन लक्षण- बुखार, खांसी और सांस में तकलीफ ही शामिल थे। अब उसने ठंड लगने, गले में खराश और नसों में दर्द जैसी परेशानियों को भी कोरोना संक्रमण का संभावित लक्षण माना है।
जरूरी नहीं कि दिखे लक्षण
कोविड-19 के साथ जो सबसे खतरनाक बात है वह यह कि जरूरी नहीं कि इसमें संक्रमण के लक्षण प्रत्यक्ष तौर पर दिखें ही। इस महामारी से निपटते हुए जो अब तक के अनुभव हैं, वे यही बताते हैं कि ज्यादातर संक्रमित लोगों में शुरुआत में कोई लक्षण नहीं देखे गए।
