
सामाजिक और पारिवारिक स्थितियों का असर फिल्मों पर हमेशा पड़ता रहा है। बस उसका अंदाज बदलता रहा है। श्रीश्चंद मिश्र…

सामाजिक और पारिवारिक स्थितियों का असर फिल्मों पर हमेशा पड़ता रहा है। बस उसका अंदाज बदलता रहा है। श्रीश्चंद मिश्र…

महर्षि दयानंद का संघर्ष मूलत: पौरणिक हिंदुओं, मुसलमानों, ईसाइयों, बौद्धों, जैनियों व सिखों से था क्योंकि उनके धर्मग्रंथों को लेकर…

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक भारत में 10 से 24 आयु वर्ग की करीब 23 लाख युवा आबादी हर साल…

जब कोई समाज अपनी परंपराओं, अपनी संस्कृति से विमुख होने लगता है, तो उसमें मानवीय संवेदना का ह्रास स्वाभाविक है।


मिट्टी के दीये खोजने पर बड़ी मेहनत से मिलते हैं। मिल जाते हैं, कहीं-कहीं।

पहला सवाल उसने अपने आपसे ही किया, ‘...क्या यह वही बस है, जिसमें वह रोज सफर करता है। राजेश झरपुरे…

दिवाली को लेकर एक आइडियोलाजीकल प्राब्लम इस बार आन खड़ी हुई है। जिस ओर न मीडिया ध्यान दे रहा है,…


यह इम्तिहानों का वक्त था। राहुल का पढ़ाई में बिलकुल मन नहीं लग रहा था। वह कमरे से बाहर निकला।…

मधुमक्खियों का फूलों के प्रति प्रेम अटूट है। खाने की तलाश में मधुमक्खियां अक्सर फूलों के उपर भिनभिनाती हुई नजर…

विराट जिस तेजी से आगे बढ़े, विवाद भी उनके पीछे चलते गए। मनीष कुमार जोशी का लेख।