मानस मनोहार
हरी मेथी सेहत और स्वाद दोनों दृष्टियों से उत्तम भाजी है। खासकर रक्त शर्करा यानी डाइबीटीज के मरीजों के लिए यह अत्यंत गुणकारी भाजी मानी जाती है। इस मौसम में हरी मेथी खूब मिलती है। इसकी आलू के साथ या अकेले सूखी सब्जी बना कर आप अक्सर खाते होंगे। मेथी के परांठे भी खूब पसंद किए जाते हैं। पिछले दिनों हमने मेथी-मटर-मलाई बनाने को लेकर बातें की थी। पर बेसन के साथ मेथी की भाजी लाजवाब बनती है।
बेसन के साथ मेथी की सूखी भाजी बनाना बहुत आसान है। इसके लिए कोई विशेष तैयारी नहीं करनी पड़ती। जब भी किसी सब्जी के साथ बेसन का उपयोग करना हो, तो सबसे पहले कड़ाही में एक चम्मच देसी घी डाल कर गरम करें और फिर उसमें जरूरत भर का बेसन डाल कर हल्की आंच पर चलाते हुए सुनहरा होने तक सेंक लें। फिर इसे ठंडा होने के लिए अलग रख दें।
मेथी के साथ बेसन का उपयोग करने से पहले भी ऐसा ही करें। तीन कटोरी मेथी के साथ एक कटोरी सिंका हुआ बेसन पर्याप्त रहता है। मेथी के पत्ते अलग करके अच्छी तरह दो-तीन बार धो लें। फिर इन्हें बारीक-बारीक काट लें। पानी अच्छी तरह निथार लें।
अब एक कड़ाही में दो चम्मच सरसों तेल या फिर देसी घी गरम करें। उसमें राई, जीरा, सौंफ और अजवाइन का तड़का दें। बेसन के साथ सौंफ और अजवाइन का स्वाद अच्छा लगता है, इसलिए इसे अवश्य डालें। तड़का तैयार हो जाए तो चुटकी भर हींग भी डालें। अब कटी हुई मेथी छौंकें और मध्यम आंच पर चलाते हुए पांच मिनट के लिए पकाएं। जब मेथी पक कर सिकुड़ने लगे, तो उसमें जरूरत भर का नमक, दो चम्मच धनिया-जीरा पाउडर, एक छोटा चम्मच कुटी लाल मिर्च और एक से डेढ़ चम्मच चीनी डाल कर अच्छी तरह मिलाते हुए पकाएं। जब मेथी में सारे मसाले अच्छी तरह मिल जाएं, तो उसमें सिंका हुआ बेसन डालें और चलाते हुए मिलाएं।
बेसन डालने के बाद ध्यान रखना पड़ता है कि वह पूरी सब्जी में अच्छी तरह चिपक जाए। मेथी को चूंकि हम पहले ही पका चुके हैं और यह अधिक पानी नहीं छोड़ती, इसलिए इसमें थोड़ी-थोड़ी देर में पानी के छींटे मारते हुए बेसन को पकाना पड़ता है। बेसन की सूखी सब्जी बनाने में इस बात का ध्यान रखना पड़ता है कि वह पक जाए और उसमें पर्याप्त नमी रहे, नहीं तो खाने में स्वाद बिगड़ जाता है और वह गले में चिपकती है। इसके लिए हर पांच मिनट पर दो चम्मच पानी का छींटा लगाएं और फिर मिला कर कड़ाही पर ढक्कन लगा दें। ऐसा दो-तीन बार करें। इस तरह बेसन अच्छी तरह पक जाता है और मेथी के साथ उसका लाजवाब स्वाद आता है। जब सब्जी तेल छोड़ने लगे, तो आंच बंद कर दें। बेसन-मेथी भाजी तैयार है।
बेसन और शिमला मिर्च
स तरह मेथी के साथ बेसन का स्वाद लाजवाब आता है, उसी तरह शिमला मिर्च के साथ बेसन का मेल बहुत अच्छा होता है। इसे बनाना भी बहुत आसान है।
जैसे मेथी के साथ उपयोग करने के लिए पहले बेसन को सेंक लिया था, उसी तरह शिमला मिर्च के साथ बनाने के लिए भी बेसन को सेंक कर अलग रख लें। दो कटोरी शिमला मिर्च के लिए एक कटोरी बेसन लें। इसके लिए हरी शिमला मिर्च को धो-पोंछ कर बड़े-बड़े टुकड़ों में काट लें। इसके बीज को निकाल कर बाहर कर दें।
अब एक कड़ाही में सरसों तेल गरम करें और उसमें जीरा, राई, अजवाइन, सौंफ और हींग का तड़का लगाएं। फिर शिमला मिर्च को छौंक दें। एक बार चलाने के बाद उसमें दो चम्मच धनिया-जीरा पाउडर, एक छोटा चम्मच कुटी लाल मिर्च और एक छोटा चम्मच अमचूर डालें। जरूरत भर का नमक डालने के बाद चलाएं और इसके साथ ही सिंका हुआ बेसन भी डाल दें। कड़ाही को ढंकें नहीं। शिमला मिर्च में बेसन अच्छी तरह चिपक जाए, इसके लिए जरूरी है कि थोड़ी थोड़ी देर पर पानी के छींटे लगाते हुए उसे चलाते रहें। जैसे मेथी बनाते समय पानी के छांटे लगाने के बाद थोड़ी देर के लिए ढक्कन लगाते रहे, वही प्रक्रिया शिमला मिर्च के साथ भी दोहराएं। जब सब्जी तेल छोड़ने लगे तो आंच बंद कर दें। सब्जी तैयार है।
बेसन का उपयोग आमतौर पर पकौड़े-पकौड़ियां, मिठाइयां, कढ़ी वगैरह बनाने के लिए किया जाता है। मगर बेसन का उपयोग अगर तरकारी या भाजी बनाने में किया जाए, तो उसका स्वाद निराला हो जाता है। बेसन का उपयोग तरी वाली और सूखी दोनों तरह की सब्जी बनाने में होता है। इस तरह सब्जी के साथ-साथ बेसन के गुण भी उसमें शामिल हो जाते हैं और स्वास्थ्य और सेहत की दृष्टि से वह भाजी अधिक गुणकारी हो जाती है। इस बार बेसन की कुछ भाजी।

