सर्दी का मौसम जाने और गरमी आने को है। ये बसंत ऋतु के दिन हैं। फैशन के जानकारों की मानें तो यह मौसम तरह-तरह के कपड़ों के लिए उत्तम होता है। प्रकृति का सौंदर्य अपने चरम पर होता है। सुनहली खिली-खिली धूप और हल्की हवाएं। वेलेंटाइंस डे का खुमार युवाओं को नए-नए कपड़े खरीदने के लिए प्रोत्साहित करता है, वहीं होली का त्योहार रंगों की खूबसूरती के लिए जाना जाता है। ऐसे में बाजारों की रौनक देखते ही बनती है। सभी आयु वर्ग के लोग जाड़ों के मोटे और गहरे रंगों के कपड़ों से ऊब चुके होते हैं।
सिल्क है सदा के लिए
सिल्क के कपड़े हर दिल अजीज होते हैं। पुराने समय के राजा-महाराजाओं से लेकर राजनेता, अभिनेता, अध्यापक, घरेलू महिलाएं, कामकाजी लड़कियां सभी सिल्क के दीवाने हैं। वजह भी वाजिब है कि सिल्क एक ऐसा फैब्रिक है, जिसकी साड़ियां अपनी अलग ही शान रखती हैं, फिर चाहे वो कांजीवरम की खूबसूरत साड़ियां हों या बनारसी सिल्क, खादी सिल्क, पेपर सिल्क- सभी अपने आप में बेजोड़ हैं। सिल्क की साड़ियां तो खूबसूरत होती ही हैं, पर इनके सलवार कुर्ते, शरारे, शेरवानी भी लाजवाब होते हैं। इनका फैशन हमेशा रहता है।
पहले सिल्क के कपड़े काफी महंगे हुआ करते थे, पर अब ऐसा नहीं है। दिल्ली में कार्यरत फैशन डिजाइनर नेहा कहती हैं कि अब वह समय गया, जब सिल्क सिर्फ अमीरों तक सीमित था। अब ऐसा नहीं है। काफी उचित मूल्य में सिल्क के परिधान बाजारों में उपलब्ध हैं। कई बार जानकारी के अभाव में लोग उन तक पहुंच नहीं पाते हैं। दिल्ली के कमला नगर मार्केट, चांदनी चौक में उत्तम क्वालिटी के सिल्क परिधान उपलब्ध हैं, जो आपकी जेब पर भी भारी नहीं होंगे।
सूती कपड़ों का जमाना, कभी होगा न पुराना
सूती कपड़ों से तो सभी प्यार करते हैं। भारत जैसे देश के लिए तो सूती वस्त्र किसी वरदान से कम नहीं। विभिन्न ऋतुओं में मौसम में काफी फर्क आता है। भारत में तेजी से शहरीकरण होने के कारण गर्मियां सात से आठ महीने की हो गई हैं। ऐसे में सूती कपड़े शरीर को नमी प्रदान करते हैं। सूती कपड़े की अनेक वेराइटी बाजार में मौजूद है। मुंबई में बुटीक चलाने वाली प्राची चावला कहती हैं कि मेरे ज्यादातर ग्राहक टीवी इंडस्ट्री के हैं, वे हमेशा सूती कपड़ों की ही मांग करते हैं। उनका कहना है कि शूटिंग के समय हमें सब कुछ पहनना पड़ता है, वह हम प्रोग्राम की जरूरत को ध्यान में रखते हुए करते हैं, पर असल जिंदगी में जो आराम सूती कपड़ों में मिलता है, उसका मजा ही अलग है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के नार्थ कैंपस से पत्रकारिता की पढ़ाई कर रही प्रतिष्ठा के अनुसार, सूती कपड़ों का कोई विकल्प नहीं है। जितना आराम हम छात्रों को सूती कपड़ों में मिलता है, वह किसी और फैब्रिक में नहीं। कारण साफ है, दस-बारह घंटे हमें कॉलेज आने-जाने में लग जाते हैं, ऐसे में अगर कपड़े आरामदेह न हों तो हालत खराब हो जाती है, हां थोड़ी केयर मांगते हैं, पर रिजनेबल भी होते हैं।
खादी की बात ही निराली है
आमतौर पर खादी के परिधान को हम नेताओं से जोड़ते हैं, पर ऐसा नहीं है। खादी के वस्त्र गर्मी और बरसात में काफी चलन में होते हैं। आजकल तो खादी के कुर्ते और शॉर्ट टॉप कॉलेज के छात्रों और युवाओं में खास लोकप्रिय हैं। फैशन डिजाइनर भी खादी में खासे प्रयोग कर रहे हैं। खादी की साड़ियां तो हमेशा से बुद्धजीवी महिलाओं की पहली पसंद रही हैं। राजनीति में सक्रिय महिलाओं को खादी की साड़ियों में काफी देखा जाता है। खादी ग्रामउद्योग भारत के सभी शहरों में उत्कृष्ट गुणवत्ता के खादी कपड़ों के लिए मशहूर है। इन स्टोर्स से आप तमाम तरह के खादी के डिजाइनर कपड़े खरीद सकते हैं। यहां पर मूल्य भी काफी उचित होते हैं, जो कि सरकार द्वारा निर्धारित होते हैं।
शिफॉन, जार्जेट और नेट के कपड़ो का हर कोई दिवाना है
फैशनेबल कपड़ों की बात करें और शिफॉन, जार्जेट और नेट की बात न हो, यह तो हो ही नहीं सकता। नए फैशन डिजाइनरों ने शिफॉन, जार्जेट और नेट के फैब्रिक से एक अलग ही अंदाज में युवाओं को लुभाया है। जहां पहले शिफॉन, जार्जेट और नेट की साड़ियां बहुत प्रचलित थी, वहीं आज एक से एक फैंसी शर्ट, टॉप, कुर्ते सभी को भाते हैं। इन्हें आप कॉटन इनर और स्पैगिटी के साथ बड़े ही आकर्षक तरीके से पहन सकते हैं।
इतना ही नहीं, खास मौकों के लिए तो इनके परिधान बहुत सुंदर लगते हैं। आजकल तो शादियों के लिए शिफॉन और नेट के मेल से बने लहंगों, शरारों और गरारों की छटा देखते ही बनती है। नेट के लंबे और अनारकली सूट सबको भाते हैं। इन फैब्रिक्स की एक खासियत यह भी है कि अगर आप दोहरे शरीर के हैं, तो यह आपको काफी स्लिम दिखाते हैं। शिफान के लंबे कुर्तों को आप कॉटन लेगिंग के साथ मैच करके काफी आकर्षक लग सकते हैं। बसंत ऋतु में शिफॉन, जार्जेट और नेट के कपड़े पहनने का मजा दोगुना हो जाता है, क्योंकि मौसम बहुत ही खुशनुमा होता है। इनके हल्के शेड्स जैसे गुलाबी, क्रीम, नारंगी, सफेद, हल्का हरा, फिरोजी, हल्का पीला सबका मन मोह लेते हैं।
