बच्चों और परिवार को संभालने की आपाधापी में महिलाएं अपने स्वास्थ्य पर समुचित ध्यान ही नहीं दे पाती हैं। अगर उन्हें बुखार भी होगा, तो तीन दिन लगाएंगी डॉक्टर के पास जाने में। क्योंकि उन्हें लगता है कि अभी यह काम खत्म कर लें या कोई और काम खत्म करे लें। और यही वजह है कि आधी से ज्यादा महिलाएं कई तरह की बीमारियों से घिरी रहती हैं। पूरे परिवार का ध्यान रखने वाली महिला अपने स्वास्थ्य की ओर ध्यान नहीं देती हैं। आज जिस तरह से जीवनशैली बदली है, उसमें महिलाओं पर काम का बोझ और अधिक बढ़ गया है और वे ज्यादा बीमारियों की गिरफ्त में हैं। जो बीमारियां पहले बुजुर्ग महिलाओं को होती थीं, वे आज कम उम्र में ही महिलाओं को झेलनी पड़ती हैं।

खून की कमी यानी एनीमिया
अगर आपको आलस, कमजोरी, थकान आदि महसूस हो रही है तो सतर्क हो जाइए, आपको एनीमिया की शिकायत हो सकती है। एनीमिया एक ऐसी बीमारी है, जिसमें शरीर में खून की कमी हो जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार आज भारत में हर तीन में से एक महिला एनीमिया से पीड़ित है। महिलाओं में खून की कमी इसलिए भी पाई जाती है कि उन्हें हर महीने माहवारी होती है, जिसमें उनके शरीर का बहुत-सा खून बह जाता है। दूसरा, आज भी भारत में ऐसी आबादी है जिसमें महिलाएं खाना सबसे बाद में खाती हैं और बाद में जो भी थोड़ा-बहुत बचता है उन्हें वही खाकर संतोष कर लेती हैं, जिसकी वजह से महिलाएं कुपोषित होती हैं। एनीमिया की शिकार होती हैं। एनीमिया न हो उसके लिए महिलाओं को हरी सब्जियां आदि खाते रहना चाहिए। जैसे ही आपको लगता है कि कोई बीमारी है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

सफेद पानी
सफेद पानी या श्वेत प्रदर जैसी बीमारी दस में से एक महिला को होती है। जिस तरह से माहवारी महिलाओं को आती है उसी तरह श्वेत प्रदर आता है। अगर किसी महिला को सफेद पानी लगातार आ रहा है तो उसे तुरंत चिकित्सक की सहायता लेनी चाहिए। कई बार कुछ महिलाओं को सफेद पानी माहवारी शुरू होने से पहले और बाद में आता है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह एक आम प्रक्रिया है। पर अगर लगातार आ रहा है तो समस्या है। अगर आप डॉक्टर से समय रहते संपर्क नहीं करती हैं तो आपको समस्या के गंभीर परिणाम झेलने पड़ सकते हैं।

स्तन कैंसर
आजकल महिलाओं में स्तन कैंसर या ब्रेस्ट कैंसर के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। इस कैंसर का मुख्य लक्षण है स्तन के ऊपर गांठ या असामान्य उभार का महसूस होना। भारत में बाईस में से एक महिला ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित है। ग्रामीण महिलाओं के मुकाबले शहरी महिलाओं में स्तन कैंसर के मामले ज्यादा दिखाई दे रहे हैं। दुनिया भर में महिलाओं में यह बीमारी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। अगर आपको भी स्तन में गांठ या दर्द महसूस हो रहा हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें।

हृदय रोग
अमूमन हम यह मान कर चलते हैं कि दिल का रोग पुरुष को अधिक होता है। हाइपरटेंशन के शिकार पुरुष ही होते हैं। लेकिन यह पूरा सच नहीं है, क्योंकि महिलाएं पुरुषों के मुकाबले हृदय रोग की शिकार ज्यादा होती हैं। भारत में पुरुषों के मुकाबले हार्ट अटैक महिलाओं के लिए ज्यादा खतरनाक है। महिलाओं में शुगर, ब्लड प्रेशर या मोटापे की वजह से ज्यादा खतरनाक होती है। यह बीमारी इतनी खतरनाक होती है कि इससे ग्रसित अधिकतर महिलाओं की मौत हो जाती है। एक अनुमान के मुताबिक माहवारी बंद होने के बाद महिलाओं को यह रोग अधिक होता है, तो वहीं आज देखा यह जा रहा है कि कम उम्र की महिलाओं को भी हार्ट अटैक जैसी बीमारियों का शिकार होना पड़ रहा है।

गठिया
महिलाओं में गठिया की समस्या अमूमन देखी जाती है। दरअसल, जब हड्डियों में यूरिक एसिड जमा हो जाता है तो गठिया का रूप ले लेता है। इस रोग में आपके जोड़ों में गांठे बनने लगती हैं और उनमें चुभन होने लगती है। गठिया होने के कई कारण हैं, जिनमें पोषण, आयरन, एस्ट्रोजन आदि की कमी प्रमुख हैं। अगर आपको इसके लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करते रहें।