ल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) से संबद्ध हिंदू कॉलेज ने बीए ऑनर्स राजनीति विज्ञान की पहली कटऑफ निन्यानबे फीसद जारी की। यह विश्वविद्यालय में इस साल की सबसे ऊंची कटऑफ रही। निन्यानबे फीसद कटऑफ पर भी हिंदू कॉलेज में निर्धारित सीटों की संख्या से ज्यादा दाखिले हो गए। ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ हिंदू कॉलेज या केवल एक पाठ्यक्रम में हुआ। डीयू के अधिकतर कॉलेजों के कई पाठ्यक्रमों में निर्धारित सीटों से ज्यादा दाखिले हो गए। सीटों की संख्या से अधिक दाखिले होने के बाद भी आवेदन करने वाले सिर्फ पच्चीस फीसद विद्यार्थियों को दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला मिल पाएगा। इनमें दिल्ली के सरकारी स्कूलों से पास होने वाले विद्यार्थियों की संख्या नगण्य ही रहेगी। डीयू में स्नातक पाठ्यक्रमों की बासठ हजार पांच सौ सीटें हैं, जिनके लिए विश्वविद्यालय को करीब दो लाख साठ हजार आवेदन प्राप्त हुए थे।
अधिक कटऑफ होने की वजह से आवेदन करने वाले पचहत्तर फीसद विद्यार्थियों को डीयू के नियमित कॉलेजों में दाखिला नहीं मिल पाएगा। ऐसा नहीं है कि जिन विद्यार्थियों को दाखिला नहीं मिला, उनके बाहरवीं में बहुत कम अंक थे। इनमें अस्सी फीसद या कई इससे भी अधिक अंक पाने वाले विद्यार्थी शामिल रहे, लेकिन ऊंची कटऑफ में नंबर नहीं आने की वजह से इन्हें किसी भी कॉलेज के किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं मिला। ऐसे में दाखिला प्रक्रिया के दौरान मारामारी होना स्वभाविक है।
ऐसा नहीं है कि दिल्ली विश्वविद्यालय में ही विद्यार्थियों को दाखिलों को लेकर परेशानी हो रही है। मुंबई विश्वविद्यालय से लेकर राज्यों के विभिन्न विश्वविद्यालयों और पेशेवर पाठ्यक्रमों को चलाने वाले संस्थानों तक में विद्यार्थियों को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आंबेडकर विश्वविद्यालय, दिल्ली ने पिछले साल के मुकाबले इस बार अपनी कटऑफ को साढ़े दस फीसद तक बढ़ाया है। विश्वविद्यालय ने सबसे ऊंची कटऑफ बीए ऑनर्स मनोविज्ञान की 97.75 फीसद जारी की है। इसके अलावा अन्य पाठ्यक्रमों की कटऑफ भी काफी ऊंची हैं। ल्ल

