Mokshada Ekadashi 2025 Upay: मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी एकादशी कहा जाता है। सनातन धर्म में यह तिथि विशेष शुभ मानी जाती है। इस साल मोक्षदा एकादशी का त्योहार 1 दिसंबर को मनाया जाएगा। आपको बता दें कि इस दिन भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा और व्रत रखने से दुख–दर्द दूर होते हैं, पापों का नाश होता है और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। मोक्षदा एकादशी के दिन माता तुलसी के पूजन का विधान भी बताया गया है। तुलसी को मां लक्ष्मी का ही रूप माना जाता है। वहीं ज्योतिष में कुछ उपायों का वर्णन किया गया है। जिनको मोक्षदा एकादशी पर करने से भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है। साथ ही सुख- समृद्धि का वास बना रहता है। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में…
वैवाहिक जीवन में बनी रहेगी मिठास
मोक्षदा एकादशी के दिन माता तुलसी की चालीसा का भी पाठ करना चाहिए और उनका 16 श्रृंगार भी करना चाहिए। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में मिठास बनी रहती है। साथ ही सुख- समृद्धि बनी रहती है।
तुलसी माता के पास प्रज्जवलित करें दीपक
मोक्षदा एकादशी के दिन तुलसी का पूजन करें और फिर शाम के समय तुसली के पास घी दीपक प्रज्वलित करें। ऐसा करने से घर में सुख- शांति बनी रहती है। साथ ही सकारात्मक ऊर्जा का वास बना रहता है।
केले के वृक्ष की करें पूजा
एकादशी के दिन केले के वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार केले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है इसलिए इस दिन केले के पेड़ का पूजन महत्वपूर्ण होता है। ऐसा करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद बना रहता है।
तुलसी दल का लगाएं भोग
मोक्षदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु को तुलसी दल का भोग अवश्य लगाना चाहिए। ऐसा करने से मांं लक्ष्मी और भगवान विष्णु प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाते हैं। साथ ही धन आगमन के नए मार्ग बनते हैं। हर मनोकामना पूरी होती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
