Neelam Gemstones: वैदिक ज्योतिष में नवरत्नों का वर्णन मिलता है। साथ ही ये नवरत्न का संबंध नौग्रह से माना जाता है। क्योंकि जब भी कुंडली में कोई ग्रह अशुभ होता है, तो व्यक्ति को उस ग्रह से संबंधित रत्न पहनने की सलाह दी जाती है। वहीं कुछ रत्न बाजार में बहुत मंहगे मिलते हैं। इसलिए रत्न शास्त्र में कुछ ऐसे नवग्रह से संबंधित पौधों का वर्णन मिलता है। जिनकी जड़ को धाऱण करने से रत्न पहनने के बराबर की फल मिलता है। यहां हम बात करने जा रहे हैं शनि देव से संबंधित पौधे के बारे में, जिसका नाम है शनी का पौधा। इस पौधे की जड़ को धाऱण करने से शनि दोष से भी मुक्ति पाई जा सकती है। साथ ही इसको धाऱण करने से शनि देव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। सुख- समृद्धि बनी रहती है। आइए जानते हैं क्या होती है शमी की जड़ और इसको बांधने की विधि…

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ये लोग बांध सकते हैं शमी की जड़

अगर आपकी वृष राशि, मिथुन राशि, कन्या राशि, तुला राशि, मकर राशि और कुंभ राशि है तो आप लोग शमी के जड़ को धारण कर सकते हैं। वहीं जन्मकुंडली में अगर शनि देव उच्च (शुभ) के विराजमान हैं। तो भी शमी की जड़ बांध सकते हैं। वहीं जिन लोगों के ऊपर शनि की ढैय्या, साढ़ेसाती चल रही है वो लोग भी अपनी जन्मकुंडली धारण करके शमी के जड़ को पहन सकते हैं।

शमी की जड़ धारण करने के लाभ

शमी की जड़ को पहनते ही व्यक्ति को आर्थिक लाभ के योग बनते हैं साथ ही नौकरी, बिजनेस में तरक्की होने के संकेत मिलने लगते हैं। शमी की जड़ काली विद्या, तंत्र-मंत्र, जादू-टोना, भूत प्रेत आदि से बचाती है। साथ ही शमी की जड़ धारण करने से व्यक्ति कर्मठ और मेहनती बनता है। साथ ही वह हर काम को लगन से करता है। वहीं शमी की जड़ को वो लोग धारण कर सकते हैं जो वकील, जज, या शनि से संबंधित काम- कारोबार करते हैं।

इस विधि से बांधें शमी की जड़

शमी की जड़ बाजार में काफी सस्ती मिल जाती है। वहीं इसको घर पर लाने के बाद सबसे पहले इसे गंगाजल से शुद्ध कर लें। इसके बाद इसे काले या नीले कपड़े में बांध लें। साथ ही आपको बता दें कि शमी के पेड़ की जड़ को शनिवार या शनि के नक्षत्र में शाम के समय हाथ में पहन सकते हैं। इसको बांधने के बाद शनि देव के बीज मंत्र ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम: का 108 बार जाप करें और फिर इसे किसी ब्राह्राण से हाथ में बंधवा लें। वहीं उनको कुछ दक्षिणा भी दे दें।

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