ज्योतिष शास्त्र में 12 लग्न माने गए हैं। इन सभी लग्नों में कर्क को सबसे ज्यादा ताकतवर माना जाता है। ज्योतिष के जानकार ऐसा मानते हैं कि कर्क लग्न के जातक अन्य की तुलना में अधिक भाग्यशाली भी होते हैं। कर्क लग्न का स्वामी चंद्रमा होता है और चंद्रमा को राजसी ग्रह है। कर्क लग्न में मंगल सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है। जिससे व्यक्ति को साहस और शक्ति मिलती है। साथ ही इस लग्न में शुक्र लाभ का स्वामी होत है। इसलिए कर्क लग्न वालों को आमतौर पर धन की समस्या नहीं होती है।

बृहस्पति इसके भाग्य को नियंत्रित करता है। इसलिए कर्क लग्न के लोग जन्म से ही भाग्य का साथ पाते हैं। परंतु अक्सर कर्क लग्न के जातकों को पारिवारिक सुख का आभाव मिलता है। वहीं कर्क लग्न के लोग राजनीति में बेहद सफल माने जाते हैं। क्योंकि कर्क लग्न में हर ग्रह उसी भाव का स्वामी होता है जहां पर वो सबसे अधिक मजबूत होता है। इसके अलावा इसमें भाग्य का सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति सिर्फ कर्क लग्न में ही उच्च का होता है। साथ ही साथ चंद्रमा और बृहस्पति के संयोग से ये जातक को जनता के बीच प्रसिद्धि दिलाता है। चंद्र-मंगल की वजह से इस लग्न का जातक उच्च पदों तक पहुंचता है। साथ ही यहां पर सूर्य भी कर्म भाव में सबसे अधिक मजबूत होता है इसलिए राजयोग मिलने की भी संभावना होती है।

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भारत में ऐसे कई लोग हुए जिन्हें कर्क लग्न का फायदा हुआ। जिसमें पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी शामिल हैं। इसके अलावा भारत के पूर्व प्रधानमंत्री वी.पी सिंह और देवगौड़ा जी का भी लग्न कर्क ही था। वहीं मायावती और मुलायम सिंह भी कर्क लग्न से ही संबंध रखते हैं। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का भी लग्न कर्क ही है। यानि राजनीति में ये लग्न बेहद सफल माने गए हैं। ज्योतिष के जानकार कर्क लग्न के लोगों को कुछ सावधानियां बरतने की सलाह देते हैं। इस लग्न के जातकों को वैवाहिक जीवन का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। साथ ही चरित्र के पतन पर भी ध्यान देना चाहिए।