बीरभूम हिंसा को लेकर पश्चिम बंगाल विधानसभा में बजट सत्र के आखिरी दिन जमकर हंगामा हुआ। विधानसभा में भाजपा और टीएमसी विधायकों के बीच मारपीट तक की नौबत आ गई, जिसके बाद विधानसभा से सुवेंदु अधिकारी समेत पांच बीजेपी विधायकों को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं, इस मुद्दे पर एक टीवी डिबेट के दौरान कांग्रेस ने राज्य की सीएम ममता बनर्जी को पीएम मोदी के नक्शे कदम पर चलने वाला बताया।

‘आजतक’ के डिबेट शो ‘दंगल’ के दौरान, कांग्रेस प्रवक्ता सुभांकर सरकार ने कहा, “देश की हालत और पश्चिम बंगाल की हालत वैसी है कि आज विपक्ष को बात नहीं रखने दिया जा रहा है। बंगाल विधानसभा में भी यही हाल है और संसद में भी यही स्थिति है। ये क्या ड्रामा चल रहा है?”

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “आज एक विधायक दूसरे विधायक को पीट रहा है। भाजपा बोल रही है कि टीएमसी ने पिटाई की है, जबकि टीएमसी बोल रही है, भाजपा ने पिटाई की है। जिम्मेदारी किसकी है? कौन इसके लिए जिम्मेदार है? जिन चीजों पर चर्चा होनी चाहिए, उन पर चर्चा नहीं हो रही है। प्रधानमंत्री भी संसद में हाथरस पर या किसी अन्य घटना पर चर्चा से भागते हैं। ममता बनर्जी भी चर्चा करने को तैयार नहीं होती हैं। ये मैच फिक्सिंग चल रही है।”

कांग्रेस प्रवक्ता के आरोपों पर भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने जवाब देते हुए कहा, “राज्यसभा में किसान बिल के ऊपर, हम कह रहे थे कि बहस करने को तैयार थे, लेकिन कहा गया… नहीं, सीधे कानून वापस वापस लो.. बहस नहीं होगी। ऐसे हालात पैदा किए गए कि राज्यसभा के उपसभापति के ऊपर कातिलाना हमला हुआ। माइक फेंककर मारे गए, किताबें फेंककर मारी गईं। ऐसा कभी नहीं हुआ, ये इन्होंने किया।”

भाजपा नेता ने कहा, “जब पीएम मोदी ने बिल वापस ले लिए, इस बात का बवाल था कि चर्चा क्यों नहीं हो रही। इनका मकसद केवल हंगामा खड़ा करना था। जो कांग्रेस नेता ने कहा उस पर यहीं कहूंगा कि जब कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं की हत्याएं होती थीं तो ये दोनों पार्टियां नहीं बोलती थीं। हमारे गृह मंत्री अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन कार्यकर्ताओं की संख्या बताई थी, जो कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी के थे। जब आप अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़े नहीं हुए तो जनता आपके साथ क्या खड़ी होती।”