लखनऊ के विवेक तिवारी हत्याकांड मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने शुरू कर दी है। रविवार (30 सितंबर) को लखनऊ आईजी सुजीत पांडेय की अगुवाई में बनाई गई एसआईटी ने मौका-ए-वारदात पर पहुंच कर जांच शुरू की। रविवार को ही लखनऊ में विवेक तिवारी के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार के बाद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। एएनआई की खबर के मुताबिक डिप्टी सीएम ने कहा, ”सरकार इस घटना से दुखी है और परिवार के साथ खड़ी है। भविष्य में फिर से ऐसी घटना न हो यह सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाए जा रहे हैं। दोषियों को हम कठोरता से दंड देंगे।” एडीजी लखनऊ राजीव कृष्ण ने कहा, ”यह गंभीर घटना है। कठोर कार्रवाई की जाएगी। हमने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं कि ऐसी घटना फिर से न हो।”

बता दें कि बीते शुक्रवार को देर रात लखनऊ में एप्पल के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की पुलिस की गोली से मौत हो गई थी। मामले को गरमाता देख सरकार ने पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा और पत्नी को सरकारी नौकरी देने का एलान किया। पत्नी कल्पना तिवारी का कहना है कि सरकार के द्वारा दी जा रही मुआवजे की रकम कम हैं, इसे 1 करोड़ होना चाहिए क्योंकि विवेक परिवार में कमाने वाले इकलौते थे और बच्चों का भविष्य सामने हैं। कल्पना तिवारी लगातार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि वह सीएम योगी से मिलकर अपना दुख बयां करेंगी। पीड़ित परिवार मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहा है। इस हत्याकांड पर राजनीति भी शुरू हो गई है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर पीड़ित परिवार से हमदर्दी जताई और इसी बहाने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर वह बरसे। केजरीवाल पर आरोप लग रहा है कि उन्होंने विवेक हत्याकांड को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की। दरअसल केजरीवाल ने ट्वीट किया था, ”विवेक तिवारी तो हिंदू था? फिर उसको इन्होंने क्यों मारा? भाजपा के नेता पूरे देश में हिंदू लड़कियों का रेप करते घूमते हैं? अपनी आंखों से पर्दा हटाइए। भाजपा हिंदुओं की हितैषी नहीं है। सत्ता पाने के लिए अगर इन्हें सारे हिंदुओं का क़त्ल करना पड़े तो ये दो मिनट नहीं सोचेंगे।” इस पर पत्रकारों से बात करते हुए विवेक की पत्नी कल्पना ने केजरीवाल की फटकार लगाई थी।