उत्तर प्रदेश की योगी आदित्य नाथ सरकार स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होने के तमाम दावे करती रही है मगर सोशल मीडिया में वायरल हो रहे एक वीडियो ने सरकार के इस दावे पर सवालिया निशान लगा दिया है। वायरल वीडियो यूपी का बताया जाता है जिसमें एक छोटा बच्चा स्ट्रेचर पर बदहवास पड़ी मां को वार्ड में ले जाने के लिए इसे धक्का लगा रहा है। वीडियो दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने भी अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है। उन्होंने ट्वीट कहा, ‘कंधे छोटे हैं लेकिन प्यार मां से अधिक है। आत्मनिर्भरता का और उदाहरण दिखाएं या ये ठीक है? जिला हॉस्पिटल देवरिया का वीडियो।’
हाल में यूपी के हॉस्पिटल का एक अन्य वीडियो भी वायरल हुआ था, जहां पानी की लाइन फटने से छत से पानी गिरने लगा और थोड़ी देर में पूरे कोरोना वार्ड में पानी भर गया। पानी की लाइन फटने से कोरोना वार्ड के बीचों-बीच झरने की तरह पानी बहने वाला वीडियो लोगों ने खूब शेयर किया। यूपी के पूर्व सीएम और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी वीडियो शेयर किया। उन्होंने लिखा कि ये है यूपी में क्वारंटाइन सेंटर का हाल, पानी नहीं पर झरना बह रहा लगातार। सपा प्रवक्ता एसबी सिंह ने भी ये वीडियो शेयर किया। उन्होंने कहा कि बरेली में कोविड-19 वार्ड इसका उदाहरण है कि कोरोना मरीजों के प्रति भाजपा कितनी लापरवाह है।
कंधे छोटे हैं लेकिन प्यार माँ से अधिक है,
आत्मनिर्भरता का और उदहारण दिखाएं या ये ठीक है?ज़िला अस्प्ताल : देवरिया pic.twitter.com/TbT8nqe2hI
— Swati Maliwal (@SwatiJaiHind) July 20, 2020
इधर छोटे बच्चे द्वारा स्ट्रेचर को धक्का देने वाले इस वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स खूब प्रतिक्रिया दे रहे हैं। प्रशांत शुक्ल @pshukla8355 लिखते हैं, ‘कर्मचारी को पीड़ित महिला ने 30 रुपए नहीं दिए उसने उससे और उसके मासूम बच्चे से स्ट्रेचर खिंचवा दिया। ऐसा स्वास्थ्य सिस्टम संवेदनहीनता का हिमालय है।’ नितिन शर्मा @nitinsharmaMP लिखते हैं, ‘वीडियो बनाने के बजाय मदद ही कर देते।’ अवधेश सोलंकी @Aditisolankii लिखते हैं, ‘ये हाल है सरकारी हॉस्पिटल का और प्राइवेट हॉस्पिटल इसका फायदा उठाते हैं और पैसे लूटते हैं।’
ऐसे ही अशोक कुमार @kashok82 लिखते हैं, ‘देश के लिए इतनाी आत्मनिर्भरता ठीक नहीं। वैसे नेता लोग क्यों फ्री में सब कुछ लेते हैं, क्यों नहीं वो लोग खुद आत्मनिर्भर बनते, दिन रात गरीब जनता को तो उपदेश देते है पर कभी अपने पर भी अमल करना चाहिए।’ राकेश शर्मा @Rakesh5Dec लिखते हैं, ‘काश दिल्ली पर ध्यान दे दो यदि हो सके तो बस हॉस्पिटल राम मनोहर लोहिया अस्पताल लाइन में लगे लोगो की कुछ हेल्प करो।’
शुभम कुमार @011thakur लिखते हैं, ‘जिंदगी में कभी किसी ने ऐसा सोचा नही था। इंसान की जिंदगी में ऐसा भी पल आएगा। इंसान हर तरह से टूट के लाचार कमजोर मजबूर हो जाएगा। उसकी सारी मेहनत सारी ताकत सब कुछ इस कोरोना के प्रकोप में साथ छोड़ देगी। कुछ हो या ना हो लेकिन इस महामारी ने इंसान की आने वाली पीढ़ी के लिए एक सीख दे दी है।’

