ईद के मुबारक मौके पर गुरुवार (7 जुलाई) को लखनऊ के ईदगाह ने पहली बार औरतों के लिए खास इंतजाम किए थे। यह इंतजाम ईद की नमाज अदा करने के लिए थे। ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बताया कि ईदगाह के दरवाजे पहले भी महिलाओं के लिये बंद नहीं थे, लेकिन पहले उनके लिये नमाज का अलग इंतजाम नहीं किया जाता था। ये विशेष तैयारियां इस बार ही की गई थीं। इस मौके पर काफी महिलाएं मस्जिद में आईं भी थीं।

महिलाओं के अधिकारों के लिए देशभर में मुहीम चला रहीं तृप्ति देसाई ने भी इस मौके पर खुशी जाहिर की। गुरुवार (7 जुलाई) को ANI से बातचीत करते हुए तृप्ति ने कहा, ‘ लखनऊ मस्जिद में पहली बार महिलाओं को जाने दिया गया। महिलाएं वहां पर प्रार्थना कर रही थीं। यह खुशी का मौका है। हम लोगों की लड़ाई महिलाओं के इन्हीं अधिकारों के लिए है। हम लोग मंदिर, मस्जिद और दरगाह में बराबर का अधिकार चाहते हैं। यह अच्छी शुरुआत है।’

कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कदम हाजी अली और शनि मंदिर में सिंघनापुर मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी के खिलाफ आवाज उठने के बाद ही उठाया गया है।