UPSC Exam Result 2018 में सफलता हासिल करने वाले उत्तर प्रदेश के एक मुस्लिम युवक ने धर्म, मदरसों और मस्जिद को लेकर काबिलेतारीफ बात कही। हाल ही में आए यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) के नतीजों में घोषित ऑल इंडिया रैंकिंग में 751वां नंबर हासिल करने वाले मुस्लिम छात्र और मौलाना शाहिद रजा खान ने कहा, ‘किसी भी मदरसे, मस्जिद या धर्म को रुढ़िवादी नहीं होना चाहिए। धर्म का उद्देश्य मानवता की सेवा करना है और मैं वही करूंगा।’ शाहिद इन दिनों जेएनयू से पीएचडी कर रहे हैं।
मां बनीं शाहिद की प्रेरणा और मददगारः कभी मदरसे में पढ़ चुके शाहिद ने कहा, ‘मैं मदरसे में पढ़ने के दिनों से ही सिविल सेवा में जाना चाहता था। मेरी मां मेरी प्रेरणा बनीं। उन्होंने मुझे हमेशा सपोर्ट किया और मैं जो भी पढ़ना चाहता था उसमें वो हमेशा मेरे साथ रहीं।’
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मदरसे से की थी पढ़ाई की शुरुआतः बिहार के गया के रहने वाले शाहिद खान कहते हैं, ‘मेरी शुरुआती पढ़ाई मेरे गांव के एक मदरसे में हुई थी। उसके बाद में उत्तर प्रदेश आ गया। यहां आजमगढ़ के मुबारकपुर में अल-जमैतुल अशरफिया गया। अब मैं दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से पीएचडी की पढ़ाई कर रहा हूं।’
लोगों ने की शाहिद की तारीफः शाहिद खान की इस बात को लोगों ने जमकर सराहा और उन्हें अच्छे दिल वाला बताया। ट्विटर पर लोगों ने उनके लिए शुभकामनाओं की बौछार लगा दी और धर्म को लेकर उनके नजरिये की जमकर तारीफ भी की। उल्लेखनीय है कि चंद दिनों पहले ही संघ लोक सेवा आयोग ने 2018 में ली गई परीक्षा के अंतिम नतीजे घोषित किए हैं। इसके बाद से ही टॉपर्स की अनोखी कहानियां और उनके विचार सामने आ रहे हैं।
