दिल्ली विधानसभा (Delhi Assembly) में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। दरअसल उप-राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना (LG Vinai Kumar Saxena) ने राज्य सरकार और केंद्र की शक्तियों को लेकर टिप्पणी कि जिसका आम आदमी पार्टी (AAP) ने जमकर विरोध किया। एलजी पर आरोप लगाते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Delhi CM Arvind Kejriwal) ने कहा कि उप-राज्यपाल सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेशों का उलंघन कर रहे हैं।

अरविंद केजरीवाल ने LG पर आरोप लगाया

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि एलजी विनय सक्सेना ने उनसे कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के बावजूद दिल्ली में सभी काम ‘प्रशासक” कर सकते हैं क्योंकि दोनों महीनों के बाद अपनी साप्ताहिक बैठकें फिर से शुरू कर रहे हैं। 2018 में शीर्ष अदालत ने कहा था कि केवल भूमि, सेवाओं और पुलिस के विषय उपराज्यपाल के पास हैं।

अरविंद केजरीवाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “एलजी साहब बोलते हैं कि वो सुप्रीम कोर्ट को नहीं मानते। कोई एलजी कहे कि वो सुप्रीम कोर्ट को नहीं मानता तो जनतंत्र नहीं बचेगा। हम ‘शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए फिनलैंड जाने दो’ के लिए एलजी हाउस मार्च कर रहे हैं। एलजी ने मोहल्ला क्लिनिक के डॉक्टर्स की सैलरी, जल बोर्ड की पेमेंट रोकी। एलजी एक एडवाइजर रखें जो कोर्ट संविधान की समझ रखता हो।”

गुंडागर्दी कर रहे LG- अरविंद केजरीवाल

एलजी पर आरोप लगाते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “एलजी साहब फाइल कैसे रोक सकते हैं? उनके पास अधिकार नहीं है, वो गुंडागर्दी कर रहे हैं। पिछले साल मुझे भी विदेश नहीं जाने दिया लेकिन टीचर्स को तो जाने दो। ग़रीबों के बच्चों से क्या दुश्मनी है? बीजेपी दिल्ली ठप कर कर दिखाना चाहती है कि केजरीवाल से राज्य नहीं चल रहा।” (यह भी पढ़ें: केंद्र सरकार ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ को चिट्ठी लिखकर कहा है कि सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व होना चाहिए।)

दिल्ली एलजी कार्यालय के एक अधिकारी ने अरविंद केजरीवाल के दावों को भ्रामक और एक विशेष एजेंडे के अनुरूप तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया बताया। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल ने कभी भी ऐसी टिप्पणी नहीं की। बता दें कि आप विधायकों के हंगामे के कारण दिल्ली विधानसभा को एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया।