उत्तर प्रदेश में सोनभद्र नरसंहार को अभी कोई भूला नहीं है। पूरे देश को हिला देने वाले इस हत्याकांड से यदि सबक नहीं लिया गया किसी भी दिन बड़ी घटना हो सकती है। कानपुर के हाथीपुर गांव में भी लोगों को ऐसे खूनी संघर्ष की आशंका है। हाथीपुर गांव के ग्रामीणों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग की है । ग्रामीणों का आरोप है कि नर्वल तहसील के एसडीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी राजनीतिक दबाव में आकर माफियाओं को ग्राम समाज, मिलन केंद्र, सरकारी पैसे से बने भवनों पर कब्जा करने दे रहे हैं। भू-माफिया पहले से ही सरकारी जमीनों पर कब्जा कर अपने-अपने स्कूलों का संचालन कर रहे हैं। पूरे गांव में माफियाओं और ग्रामीणों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है ।

नर्वल तहसील के सरसौल ब्लॉक के अंर्तगत आने वाले हाथीपुर गांव में ग्राम समाज की जमीन पर धर्मशाला बनी हुई है, जिसे गांव के लोग मिलन केंद्र के नाम पुकारते हैं। गरीब किसान इस मिलन केंद्र से ही बेटियों की शादी का आयोजन करते हैं। इसके साथ ही यहीं से ग्रामीण मांगलिक और धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन करते हैं। दो बीघा जमीन पर ये मिलन केंद्र बना हुआ है।

दरअसल भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष शैलेंद्र द्विवेदी के पिता सुभाष द्विवेदी हाथीपुर गांव के प्रधान रह चुके हैं। सुभाष द्विवेदी बारातशाला से जुड़ी जमीन में स्कूल चलाते थे। 2015 में इसकी शिकायत ग्रामीणों ने तत्कालीन एसडीएम से की थी। उस वक्त एसडीएम ने इस स्कूल को सीज कर दिया था। लेकिन भाजपा नेता शैलेंद्र द्विवेदी इस जमीन पर कोर्ट से स्टे ले आए थे।

आरोप के मुताबिक, ‘बीते 13 जुलाई 2019 को नर्वल एसडीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी पुलिस फोर्स के साथ कब्जा दिलाने के लिए पहुंचे थे। तभी सभी ग्रामीण एक हो गए और प्रशासनिक अफसरों से भिड़ गए। ग्रामीण केरोसीन डालकर आत्मदाह का प्रयास करने लगे। बिगड़े हालात देखकर प्रशासनिक अधिकारियों को उल्टे पैर वापस लौटना पड़ा था।’

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ग्रामीण अरूण सिंह और इंद्रजीत का कहना है, ‘बीते चार वर्षों से हम अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री के ऑफिस तक चक्कर लगा चुके हैं। लेकिन हमारी कहीं भी सुनवाई नहीं हुई है। पूर्व प्रधान के बेटे शैलेंद्र द्विवेदी मिलन केंद्र पर कब्जा करना चाहते हैं। नर्वल एसडीएम इसमें उनकी पूरी मदद कर रहे हैं। हमारे बच्चों की शादी इसी बारातशाला से होती है। यदि इस सरकारी जमीन पर कब्जा हो जाएगा तो हम अपने बच्चों के शादी के कार्यक्रम कहां करेंगे।’

सैकड़ों ग्रामीण तहसील दिवस के मौके पर नर्वल के एसडीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी को हटाने की मांग को लेकर पहुंचे थे। ग्रामीणों ने एसडीएम पर एक पक्षीय कार्रवाई करने का आरोप लगाया। हम एसडीएम से लड़ नहीं सकते हैं इसलिए उन्हें हटाने की मांग कर रहे हैं। हमारी मांग है कि या तो सरकार हमें भू-माफियाओं से आजाद कराए या फिर हमें इच्छा मृत्यु की अनुमति दे।

कानपुर डीएम विजय विश्वास पंत के मुताबिक इसमें दो पक्षों के बीच का विवाद है । कुछ न्यायालय के आदेश के अनुपालन के संबंध में है। दोनों पक्षों की अपनी-अपनी दलीलें हैं । इस प्रकरण को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है। इसकी जांच एडीएम एफआर को सौंपी गई है। जल्द ही मौके पर पहुंचकर इसकी जांच करेंगे । दोनों पक्षों के दस्तावेजों का बारीकी से परीक्षण किया जाएगा। जब मैं तहसील में था तो मुझे जानकारी हुई थी कि ग्रामीण एसडीएम को हटाने की मांग कर रहे थे।

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