जम्मू कश्मीर में इंटरनेट सेवाएं जल्द ही बहाल होने की संभावना नहीं है क्योंकि घाटी में पाकिस्तान की ओर से भ्रम फैलाया जा रहा है। इसलिए सरकार फिलहाल इंटरनेट सेवाएं बंद ही रखने के बारे में सोच रही है। सरकारी अधिकारियों ने गुरुवार (29 अगस्त) को यह जानकारी दी। जम्मू कश्मीर प्रशासन जनजीवन को सुगम बनाने के लिए लोगों की आवाजाही, लैंडलाइन फोन, मोबाइल फोन नेटवर्क पर पाबंदियों को धीरे-धीरे हटा रहा है। ये सेवाएं अनुच्छेद 370 के तहत राज्य का विशेष दर्जा हटाने के बाद से बाधित हैं।
अफवाहें फैलाने के लिए किया जा रहा सोशल मीडिया का इस्तेमालः एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा, ‘‘जैसे-जैसे स्थिति सुधर रही है, पाबंदियां हटाई जा रही हैं। हालांकि इंटरनेट कनेक्शन जल्द बहाल नहीं होंगे क्योंकि पाकिस्तान इंटरनेट के जरिए भारत के खिलाफ जहर फैला रहा है। वे सरकार के खिलाफ लोगों को भड़का रहे हैं और पाकिस्तान में बन रही ऐसी वीडियो पहुंच चुकी हैं।’’ गौरतलब है कि पूर्व में झूठी सूचनाएं फैलाने के लिए जम्मू कश्मीर में मैसेजिंग एप वॉट्सएप का व्यापक तौर पर इस्तेमाल किया गया है।
सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान के एजेंडे का पता चलाः अधिकारी ने कहा, ‘‘एक बार इंटरनेट बहाल हो गया तो पाकिस्तान जम्मू कश्मीर में लोगों को भड़काने की पुरजोर कोशिश करेगा जैसा कि वह अभी नगालैंड में विद्रोहियों के साथ कर रहा है।’’अधिकारियों को मिली सूचना के अनुसार, नगालैंड में कई उत्तेजित संदेश फैल रहे हैं। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए भारत में परेशानी पैदा करने के पाकिस्तान के एजेंडे का पता चला है और यह पाया गया कि पाकिस्तानी अधिकारी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में वीडियो बना रहे हैं जिसमें भारतीय सुरक्षाबलों की वर्दियां पहने हुए लोग अत्याचार करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
पांच संवेदनशील जिलों में मोबाइल सेवाएं बहालः अधिकारी ने कहा, ‘‘ऐसे वीडियो कई स्थानों पर प्रसारित किए जा रहे हैं।’’ उन्होंने बताया कि इस बीच, जम्मू कश्मीर प्रशासन ने गुरुवार को जम्मू के पांच ‘‘संवदेनशील’’ जिलों में मोबाइल फोन सेवाएं बहाल कर दी।जम्मू मंडल आयुक्त संजीव वर्मा ने बताया कि डोडा, किश्तवाड़, रामबन, राजौरी और पुंछ में सेवाएं बहाल कर दी गई हैं।
