केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने केंद्र सरकार द्वारा संचालित राममनोहर लोहिया अस्पताल के मेडिकल इंस्टीट्यूट का नाम बदलकर दिवंगत प्रधानमंत्री के नाम पर ‘अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस’ करने के एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी। सूत्रों ने बताया कि इस संबंध में एक औपचारिक आदेश जारी होने की प्रक्रिया में है।

पीएम मोदी से किया गया उद्घाटन का अनुरोधः अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक को 30 जुलाई को भेजे एक पत्र में कहा गया है, ‘वर्तमान पीजीआईएमईआर और डॉ. आरएमएल अस्पताल का नाम ‘अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस और डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल, नई दिल्ली’ करने को स्वास्थ्य मंत्री ने मंजूरी दे दी है। इसी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अनुरोध किया गया है कि नया नाम दिए गए शैक्षणिक संस्थान का उद्घाटन अटल बिहारी वाजपेयी की आगामी पुण्यतिथि को करें जो कि 16 अगस्त 2019 को है।’

स्वास्थ्य मंत्रालय से प्रस्ताव मंजूरः संस्थान को वर्तमान में पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) के नाम से जाना जाता है। पीजीआईएमईआर के डीन डॉक्टर राजीव सूद ने कहा, ‘‘कई बैठकें करने के बाद हमने सम्बद्ध मेडिकल इंस्टीट्यूट का नाम हमारे पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री को एक प्रस्ताव भेजा था। उसे अब मंजूर कर लिया गया है।’’डॉ. सूद ने कहा, ‘‘100 एमबीबीएस छात्रों का पहला बैच फाउंडेशन कोर्स शुरू कर रहा है।’’ अस्पताल को हाल में एमबीबीएस कोर्स की पेशकश करने और 2019-2020 शैक्षणिक सत्र के लिए 100 सीटों पर प्रवेश शुरू करने की अनुमति मिली थी। राम मनोहर लोहिया दिल्ली के बड़े सरकारी अस्पतालों में शुमार है। यहां हर दिन हजारों की संख्या में नए मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अच्छे इलाज के चलते यहां कई हाईप्रोफाइल हस्तियां भी इलाज के लिए आती हैं।