झारखंड की राजधानी रांची शनिवार को करीब 10 घंटे तक जाम से जूझती रही। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस दिन न तो कोई राजनीतिक रैली थी और न ही किसी भी तरह का धार्मिक आयोजन। इसके बावजूद सुबह 11 से रात 9 बजे तक शहर के अधिकतर इलाकों में ट्रैफिक जाम लगा रहा। बताया जा रहा है कि ट्रैफिक एसपी ने ट्रैफिक सिपाहियों की ड्यूटी में कुछ बदलाव किया था, जिसका असर हर इलाके पर पड़ा।
सीएम तक जाम में फंसे
जानकारी के मुताबिक, प्रोजेक्ट भवन से शाम करीब 6 बजे अपने आवास लौटते वक्त मुख्यमंत्री रघुबर दास भी 10 मिनट तक जाम में फंसे रहे। इनके अलावा दिल्ली से किसी कार्यक्रम में शामिल होने आए कई जज भी काफी देर तक जाम से जूझते रहे। वहीं, आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव से मिलने गए शत्रुघ्न सिन्हा को भी परेशान होना पड़ा।
ड्यूटी में बदलाव से हुई दिक्कत
लोगों के मुताबिक, ज्यादातर जगह ट्रैफिक पोस्ट पर तैनात सिपाही ही यातायात मैनेज नहीं कर पा रहे थे। इसकी वजह बताई गई कि ट्रैफिक एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग ने हाल ही में ट्रैफिक सिपाहियों की ड्यूटी बदली है। इसकी वजह से दिक्कत बढ़ गई। हालांकि, ट्रैफिक एसपी का कहना है कि ड्यूटी बदलना रूटीन है। यदि कोई सिपाही जानबूझकर यातायात मैनेज नहीं कर रहा है तो कार्रवाई की जाएगी।
काफी कम हैं ट्रैफिक पुलिस के सिपाही
जानकारी के मुताबिक, यातायात व्यवस्था संभालने के लिए शहर में करीब 500 ट्रैफिक जवानों की जरूरत है। फिलहाल करीब 300 ट्रैफिक जवान और 100 सहायक पुलिस रांची ट्रैफिक पुलिस के पास हैं। इनमें से 50 जवान रोजाना किसी न किसी वजह से छुट्टी पर होते हैं।
