बिहार में नई सरकार गठन के बाद मंगलवार को पहली कैबिनेट मीटिंग हुई। इस मीटिंग में अगले पांच सालों में युवाओं को एक करोड़ नौकरियां देने का फैसला लिया गया। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि बिहार को पूर्वी भारत का ‘टेक हब’ बनाने के लिए रक्षा कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर, मेगा टेक सिटी और फिटनेस सिटी की स्थापना की जाएगी। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से न केवल बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे, बल्कि राज्य में निवेश और औद्योगिक माहौल भी मजबूत होगा।
प्रत्यय अमृत ने कहा कि सरकार ने राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने और उद्योगों के विस्तार को नई दिशा देने के लिए तेजी से पहल शुरू कर दी है। सरकार का दावा है कि वर्ष 2020 से 2025 के बीच 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराया गया, जबकि अगले पांच वर्षों (2025-30) में एक करोड़ युवाओं को नौकरी व रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद उद्योगों को बढ़ावा देने और अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कार्यों में तेजी लाई गई है। बदलते बिहार की विकास गति को बल देने के लिए राज्य में प्रौद्योगिकी एवं सेवा आधारित नवाचारों पर आधारित ‘न्यू ऐज इकोनॉमी’ के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है।
चीनी मिलों की स्थापना पर भी फोकस
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना और बंद पड़ी पुरानी चीनी मिलों को पुनः चालू करने के लिए भी नीति और कार्ययोजना बनाई गई है। उन्होंने बताया राज्य में शहरीकरण को बढ़ावा देने के लिए नौ प्रमंडलीय शहरों के साथ साथ सोनपुर और सीतामढ़ी में ‘ग्रीन टाउनशिप’ विकसित की जाएगी। (इनपुट – भाषा)
यह भी पढ़ें: सिर्फ कैश ट्रांसफर से सशक्त नहीं होंगी बिहार की महिलाएं, ये हैं सीएम नीतीश की चुनौतियां
