कांग्रेस प्रवक्ता अलका लांबा ने बीजेपी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि इनके यहां निक्करधारी नागपुर से तय करते हैं कि बीजेपी का अगला अध्यक्ष कौन होगा। इसके पलटवार में बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के 102 साल के इतिहास का जिक्र करते हुए नेहरू गांधी परिवार पर जमकर निशाना साधा।

सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि आंकड़े बताते हैं कि 2014 में गैस सिलेंडर 12 सौ से ज्यादा का था। आज फिर भी 1 हजार के आसपास है। उनका कहना था कि हमारे अध्यक्षों को देखिए। 21वीं सदी में 2001 में बीजेपी अध्यक्ष थे जना कृष्णमूर्ति। उसके बाद वैंकेया नायडू, लालकृष्ण आडवाणी, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी अध्यक्ष थे। उसके बाद फिर से राजनाथ सिंह अध्यक्ष बने और फिर अमित शाह और जेपी नड्डा।

कांग्रेस पर वार कर उन्होंने कहा कि इनके यहां पहले मां, फिर बेटी और फिर…। उनका सवाल था कि जवाहर लाल नेहरू और मोतीलाल नेहरू कब अध्यक्ष बने थे। वो 1919 में कांग्रेस के प्रधान थे। उसके बाद एक आध मौके छोड़कर नेहरू गांधी परिवार ही कांग्रेस पर काबिज है। फिर भी ये लोकतांत्रिक हैं। उनका कहना था कि कांग्रेस एक परिवार के इर्द गिर्द है।

राहुल गांधी की ईडी के सामने पेशी और कांग्रेस के प्रदर्शन पर सुधांशु ने कहा कि सारी पार्टी सड़क पर खड़ी है। जब हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी लिब्राहन कमीशन के सामने गए तो क्या बीजेपी के वर्करों ने ऐसा सीन क्रिएट किया था। उन्होंने सावरकर के मुद्दे पर भी कांग्रेस पर पलटवार किया।

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अलका लांबा ने कहा कि ने गैस सिलेंडर पर कहा कि वो दर्शकों पर छोड़ रही हैं कि कौन कितने का सिलेंडर ले रहा है। उस समय रोजगार था। तब भी 400 का सिलेंडर था। आज बेरोजगारी के दौर में सिलेंडर 11 सौ 12 सौ का है। बीजेपी के अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण पर उन्होंने वार करते हुए कहा कि सुधांशु जी ने उनका नाम नहीं लिया क्योंकि वो रिश्वत लेते हुए पकड़े गए थे।

राहुल पर ईडी के शिकंजे पर अलका का कहना था कि ये राजनीतिक प्रतिशोध है। नूपुर शर्मा की टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि उनके वक्तव्य की वजह से पूरी दुनिया में देश की किरकिरी हो रही है। आतंकी प्रज्ञा इनकी भोपाल से सांसद है। कांग्रेस सावरकर या गोडसे की पार्टी नहीं है, जो माफी मांगकर झुक जाएगी।

अलका का कहना था कि आप 8 साल के दौरान फेल हुए। तभी आज देश में बेरोजगारी है। 45 साल का रिकॉर्ड टूट गया। ये कह सकते हैं कि देश का युवा मोदी को बदनाम कर रहा है। राहुल महंगाई और बेरोजगारी पर वार कर रहे थे। तभी मोदी सरकार ईडी के जरिए उनको घेरने की कोशिश कर रही है।