दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमा पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिर्फ एक फोन कर दें तो दिल्ली में चल रहा गतिरोध खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी से भी कोई व्यक्तिगत खुन्नस नहीं है। उन्होंने पीएम मोदी से अपील की कि दिल्ली में चल रहे आईएएस अफसरों की हड़ताल खत्म कराएं। न्यूज 18 से बात करते हुए केजरीवाल ने कहा कि पीएम मोदी अगर फोन कर दें तो उनके एक फोन से आईएएस अफसर हड़ताल खत्म कर देंगे और दिल्ली में कामकाज पटरी पर लौट आएगा। बता दें कि अरविंद केजरीवाल अपने उप मुख्यमंत्री और दो अन्य मंत्रियों के साथ राजनिवास में पिछले छह दिनों से धरने पर डटे हुए हैं। इनमें से दो मंत्री चार दिनों से भूख हड़ताल कर रहे हैं।
पिछले महीने दिल्ली के मुख्य सचिव अंजू प्रकाश से हुई मारपीट के बाद दिल्ली सरकार में पदस्थापित आईएएस अफसर हड़ताल पर हैं। इससे सरकारी कामकाज में बाधा आ रही है। सीएम केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और कैबिनेट मंत्री सत्येंद्र जैन और गोपाल राय के साथ सोमवार शाम से उपराज्यपाल के आधिकारिक आवास व कार्यालय राज निवास में धरना दे रहे हैं। उन्होंने दिल्ली प्रशासन में काम कर रहे आईएएस अधिकारियों को उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म करने का निर्देश देने, चार महीनों से काम में अड़ंगा लगाने वाले वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और गरीबों के दरवाजे पर जाकर राशन वितरण के लिए सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देने की मांग की है।
चिकित्सकों के मुताबिक, जैन और सिसोदिया का ब्लड शुगर लेवल लगातार कम होता जा रहा है, दोनों बेमियादी अनशन पर हैं। इस बीच आम आदमी पार्टी ने घर-घर जाकर लोगों से जुड़ने का अभियान शुरू करने की योजना बनाई है, जिसके तहत 18 जून से 10 लाख परिवारों के हस्ताक्षर इकट्ठा कर उन्हें प्रधानमंत्री मोदी को भेजा जाएगा।
केजरीवाल के विरोध को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी, राष्ट्रीय जनता दल व बिहार विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, अभिनेता से राजनेता बने कमल हासन और शत्रुघ्न सिन्हा की ओर से समर्थन मिला है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) भी धरने का समर्थन कर रहे हैं।

