निजी जीवन में ताक-झांक पर रोक : कांग्रेस

कांग्रेस ने आधार को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी के लिए आधार सशक्तीकरण का माध्यम था और आज सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कांग्रेस के इसी नजरिये का समर्थन किया है। गांधी ने ट्वीट कर कहा कि कांग्रेस के लिए आधार सशक्तीकरण का माध्यम था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नजरिये का समर्थन करने और उसकी सुरक्षा करने के लिए उच्चतम न्यायालय का धन्यवाद। दूसरी ओर इस मुद्दे पर पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि अदालत के फैसले के बाद सबसे बड़ी राहत यह मिली है कि सरकार अपनी शक्तियों का बेजा इस्तेमाल कर लोगों के निजी जीवन में ताक-झांक नहीं कर पाएगी।

उन्होंने कहा कि अदालत ने आधार से संबंधित कानून की धारा-57 को खारिज कर आधार की आड़ में लोगों की निजी जिंदगी से जुड़े आंकड़ों के बेजा इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि इसी धारा के आधार पर निजी कंपनियों को यह अधिकार था कि वह लोगों से उनका आधार कार्ड मांगें लेकिन अदालत ने इस व्यवस्था को असंवैधानिक कह कर खारिज कर दिया है। कांग्रेस के संगठन महासचिव अशांक गहलोत व पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से बातचीत में सिब्बल ने कहा कि यह सही है कि अदालत ने बहुमत से आधार से संबंधित विधयेक को आर्थिक विधेयक करार दिया है लेकिन जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने इसका विरोध किया और इसे अलोकतांत्रिक बताया। कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को यह मालूम था कि वह राज्यसभा में इसे पारित नहीं करा पाएगी। इसीलिए उसने इसे आर्थिक विधेयक करार देकर उसे लोकसभा में पारित करा दिया। उन्होंने कहा कि अब यदि सरकार दोबारा इस कानून में कोई संशोधन पेश करती है तो कांग्रेस इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में फिर से चुनौती देगी।

गरीबोन्मुख सरकार की जीत : भाजपा</strong>

आधार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ‘गरीबोन्मुखी सरकार’ की बड़ी जीत करार देते हुए भाजपा ने बुधवार को कहा कि शीर्ष अदालत ने योजना की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है। साथ ही पार्टी ने जोर दिया कि यह निजता का उल्लंघन नहीं करता है। कांग्रेस की निंदा करते हुए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि इस आदेश ने वास्तव में विपक्षी पार्टी का पर्दाफाश कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बिचौलियों का पक्ष लिया जबकि मोदी सरकार ने आधार लाकर यह सुनिश्चित किया कि लोगों को सीधे लाभ मिले हो। पात्रा ने कहा कि कांग्रेस इसके खिलाफ शीर्ष अदालत गई थी। अदालत ने स्पष्ट किया है कि आधार सुरक्षित है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि हम इसमें सरकार की बड़ी जीत देखते हैं, गरीबोन्मुखी सरकार की बड़ी जीत देखते हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आधार की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा और यह भी कहा कि यह निजता का उल्लंघन नहीं करता है। पात्रा ने कहा कि अदालत ने कहा कि आधार ने गरीबों को ताकत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपने फैसले में केंद्र की महत्त्वाकांक्षी योजना आधार को संवैधानिक रूप से वैध करार दिया लेकिन उसने बैंक खाते, मोबाइल फोन और स्कूल दाखिले में आधार अनिवार्य करने सहित कुछ प्रावधानों को रद्द कर दिया। अब आधार कार्ड को बैंक खाते से जोड़ना जरूरी नहीं है और मोबाइल फोन का कनेक्शन देने के लिए दूरसंचार कंपनियां लोगों से आधार नहीं मांग सकतीं।