उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक 16 साल की हिंदू सहेली को बुर्का पहनाने के मामले में पांच मुस्लिम नाबालिग लड़कियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। जिन मुस्लिम लड़कियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है उन सभी की उम्र 15 से 17 साल के बीच है। इस सभी के खिलाफ उत्तर प्रदेश के धर्म के गैरकानूनी धर्मांतरण निषेध अधिनियम की धारा 3 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
यह घटना 12 दिसंबर, 2025 को हुई थी। लेकिन यह मामला तब सामने जब पुलिस ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार को लड़की के भाई दक्ष चौधरी की शिकायत के बाद मामला दर्ज किया है।
इस कानून के अनुसार, अगर आरोप साबित होते हैं और पीड़ित नाबालिग हो, तो दोषी पाए जाने वालों को कम से कम 5 साल और अधिकतम 14 साल तक की सख्त जेल की सजा हो सकती है।
मुरादाबाद के एसपी (ग्रामीण) कुंवर आकाश सिंह ने मीडिया को बताया कि शिकायत मिलते ही एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच जारी है। धर्मांतरण विरोधी कानून की धारा 3 में गलत बयानी, बल, धोखाधड़ी, अनुचित प्रभाव, दबाव और प्रलोभन द्वारा एक धर्म से दूसरे धर्म में धर्मांतरण पर रोक का प्रावधान है।
शिकायतकर्ता ने चौधरी ने कहा कि मेरी बहन उन लड़कियों में से एक से बात कर रही थी जिनसे वह लगभग दो महीने पहले मिली थी और जिनके साथ वह नियमित रूप से बाहर जाती थी। बुर्का पहनाकर मेरी बहन को अगवा करने वाली पांचों लड़कियों की मंशा कुछ गलत हो सकती है। इसलिए, मैंने बिलारी पुलिस स्टेशन में पुलिस से संपर्क किया।
इस घटना का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। एक मिनट के इस वीडियो में लड़कियां घरों के बीच एक संकरी गली में दिखाई दे रही हैं। उनमें से एक लड़की ने अपने कपड़ों के ऊपर बुर्का पहना हुआ है और बाकी लड़कियां उसकी मदद करने की कोशिश कर रही हैं।
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मामले से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी लड़कियां और हिंदू लड़की दोस्त हैं। सभी नाबालिग बताई जा रही हैं। उस दोपहर वे एक रेस्तरां जा रही थीं जो पीड़िता के भाई की दुकान के सामने से गुजरता है। वे नहीं चाहती थीं कि उसके भाई को इसके बारे में पता चले। पकड़े जाने के डर से हिंदू लड़की ने शायद अपनी सहेली का बुर्का पहन लिया था।
उन्होंने आगे बताया कि चूंकि यह एक संवेदनशील मामला है, इसलिए परिवार के सदस्य की शिकायत के बाद स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारी ने कहा कि लड़कियों की पृष्ठभूमि और घटना के पीछे उनके मकसद (यदि कोई हो) का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। पुलिस ने बताया कि चूंकि वे नाबालिग हैं, इसलिए उन्हें तुरंत हिरासत में नहीं लिया जा सकता।
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