महाराष्ट्र में सियासी संकट के बीच एकनाथ शिंदे के कैंप से भी विरोध के सुर सामने आने लगे हैं। शिवसेना के विधायक नितिन देशमुख ने आरोप लगाया है कि उनको अगवा कर सूरत में कैद रखा गया। उन्होंने कहा कि मैं सलामत हूं और उद्धव ठाकरे के साथ हूं।

नितिन देशमुख ने पूरी घटना के बारे में बताते हुए कहा, ‘मैं रात के करीब 12 बजे होटल से निकला और 3 बजे सड़क पर खड़ा था. मेरे पीछे करीब 100-200 पुलिसकर्मी थे। वे मुझे अस्पताल ले गए और ड्रामा किया कि मुझे अटैक आया है। लोग मेरे शरीर पर घात करना चाहते थे, लेकिन ईंश्वर की कृपा से मैं सही सलामत हूं। उन्होंने कहा कि मैं सूरत से निकलना चाहता था, कोई वाहन आता था, तो मैं उसमें बैठना चाहता था, लेकिन मुझे किसी वाहन में बैठने नहीं देते थे।

इससे पहले मंगलवार को महाराष्ट्र के अकोला जिले के बालापुर से शिवसेना विधायक नितिन देशमुख की पत्नी प्रांजलि देशमुख ने जिले के सिविल लाइंस पुलिस थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। विधायक की पत्नी ने अपनी शिकायत में कहा था कि सोमवार की रात से उनके पति के साथ उनका कोई संपर्क नहीं हो सका। प्रांजलि ने पुलिस से अपने पति का जल्दी पता लगाने का आग्रह किया था।

मगंलवार को शिवसेना सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया था कि सूरत में विधायक को बीजेपी ने पकड़ रखा है। उनको मुंबई से अगवा किया गया था। सोमवार रात जब उन्होंने भागने की कोशिश की तो गुजरात पुलिस और गुंडों ने उनको पीटा।

इससे पहले श‍िवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा था क‍ि श‍िवसेना के विधायकों को सूरत में गुजरात पुलिस ने पीटा है। वे मुंबई आना चाहते थे, लेकिन गुजरात पुलिस उन्‍हें पकड़कर सूरत ले गई। यह भी लिखा कि विधायक नितिन देशमुख को इतना मारा गया क‍ि उन्‍हें दिल का दौरा तक पड़ गया। जिसकी वजह से उन्‍हें अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था।

बता दें, शिंदे अन्य विधायकों के साथ बुधवार की सुबह असम के गुवाहाटी पहुंचे। उन्होंने 40 विधायकों का समर्थन होने का दावा किया। शिंदे ने कहा कि हमने बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना को नहीं छोड़ा है। हम इसे नहीं छोड़ेंगे। हम बालासाहेब के हिंदुत्व का पालन कर रहे हैं और इसे आगे भी ले जाएंगे।”