कोरोना संकट के बीच अपने घरों की ओर पैदल जा रहे प्रवासी मजदूरों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए कांग्रेस की तरफ से उत्तर प्रदेश सरकार को 1 हजार बसों का प्रस्ताव दिया गया था। इसे लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है और इसपर यूपी सरकार और कांग्रेस में गतिरोध जारी है। मंगलवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के सचिव संदीप सिंह और यूपी में कांग्रेस के अध्यक्ष अजय लल्लू पर एफ़आईआर कर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया। उनपर बसों की लिस्ट में गलत जानकारी और धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब इस मामले पर राजस्थान सरकार उत्तर प्रदेश के कुछ अफसरों पर एफ़आईआर दर्ज़ कराएगी।
एफ़आईआर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज थाने में दर्ज कराई गई। इसके अलावा यूपी- राजस्थान बार्डर से कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डीटेन भी किया गया है। बसों को परमीशन को लेकर यूपी कांग्रेस के प्रमुख और अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं ने यूपी -राजस्थान सीमा पर विरोध प्रदर्शन किया। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें वहां से हटाते हुए एक्शन लिया।
वहीं कुछ कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार देर रात नोएडा के लिए 100 बसें चलाने की कोशिश की। हालांकि, इन बसों को बुधवार सुबह पुलिस ने रोक दिया और 20 कांग्रेस नेताओं के खिलाफ लॉकडाउन का उल्लंघन करने के आरोप में मामला दर्ज किया। यूपी पुलिस द्वारा बुक किए गए लोगों में कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज मलिक भी हैं।
कांग्रेस ने दावा किया कि राज्य की भाजपा सरकार उसकी पेशकश को अनदेखा कर रही है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पार्टी के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात से इंकार कर दिया है।
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प्रियंका गांधी के सचिव संदीप सिंह ने योगी सरकार को पत्र भेजकर सभी बसों को अनुमति देने का आग्रह किया था। लेकिन यूपी सरकार ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि दी गई बसों की लिस्ट में गड़बड़ है। सरकार के मुताबिक उनमें से कई पंजीकरण नंबर दोपहिया, तीन पहिया और कारों के हैं। लेकिन कांग्रेस ने इसका खंडन किया है। कांग्रेस के मुताबिक बसें राजस्थान -उप्र सीमा पर खड़ी हैं और उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में प्रवेश की अनुमति का इंतजार कर रही हैं।
यूपी सरकार के इस आरोप पर प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर लिखा “उप्र सरकार का खुद का बयान है कि हमारी 1049 बसों में से 879 बसें जाँच में सही पायीं गईं। ऊँचा नागला बॉर्डर पर आपके प्रशासन ने हमारी 500 बसों से ज्यादा बसों को घंटों से रोक रखा है। इधर दिल्ली बॉर्डर पर भी 300 से ज्यादा बसें पहुँच रही हैं। कृपया इन 879 बसों को तो चलने दीजिए..” उन्होने आगे लिखा “हम आपको कल 200 बसें की नयी सूची दिलाकर बसें उपलब्ध करा देंगे। बेशक आप इस सूची की भी जाँच कीजिएगा। लोग बहुत कष्ट में हैं। दुखी हैं। हम और देर नहीं कर सकते।”
