मध्‍य प्रदेश और छत्‍तीसगढ़ में कांग्रेस की नवनियुक्‍त सरकारों ने कमान संभालते ही किसानों का हजारों करोड़ रुपए का लोन माफ करने का एलान कर दिया। कांग्रेस सरकार की घोषणा से भाजपा शासित प्रदेश की सरकारें भी चौकन्‍ना हो गई हैं। असम में किसानों का 600 करोड़ रुपए का लोन माफ करने की घोषणा के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्‍य गुजरात में भी ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत देने का एलान किया गया है। भाजपा शासित प्रदेश में भी 650 करोड़ रुपए का बिजली बिल माफ करने की घोषणा की गई है। गुजरात के बिजली मंत्री सौरभ पटेल ने इसके बारे में जानकारी दी। हालांकि, राज्‍य सरकार की इस घोषणा से सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र के बिजली उपभोक्‍ताओं को ही फायदा होगा। यह आदेश शहरी क्षेत्रों के उपभोक्‍ताओं पर लागू नहीं होगा।

6.22 लाख हाउसहोल्‍ड को होगा फायदा: गुजरात सरकार का यह फैसला पूरे राज्‍य में लागू होगा। आंकड़ों के अनुसार, सरकार के इस घोषणा से राज्‍य के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले तकरीबन 6.22 लाख हाउसहोल्‍ड को फायदा होगा। इससे प्रदेश के खजाने पर अतिरिक्‍त वित्‍तीय बोझ पड़ेगा। गुजरात के ऊर्जा मंत्री सौरभ पटेल ने कहा, ‘राज्‍य के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 6.22 लाख बिजली के कनेक्‍शन हैं। बिजली बिल माफी से इन सभी को फायदा होगा। तकरीबन 650 करोड़ रुपए का बिजली बिल लंबित है। बिजली बिल का भुगतान न होने और अवैध तरीके से बिजली जलाने वालों का कनेक्‍शन काट दिया गया था। इनमें घरेलू और कृषि के साथ ही कमर्शियल कनेक्‍शन भी शामिल हैं।’

राहुल गांधी ने दी थी नरेंद्र मोदी सरकार को चुनौती: किसानों की कर्ज माफी को लेकर कांग्रेस और बीजेपी में इन दिनों ठनी हुई है। दरअसल, मध्‍य प्रदेश और छत्‍तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनते ही किसानों का कर्जा माफ करने की घोषणा कर दी गई। इसके बाद कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र स्‍तर पर भी इस तरह का कदम उठाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दे डाली थी। गुजरात सरकार ने इस सबके बीच यह घोषणा की है।