बिहार में कांग्रेस विधायकों के पार्टी छोड़ने की खबर का शुक्रवार को कांग्रेस ने खंडन किया है। पार्टी ने जोर देकर कहा कि बिहार विधानसभा चुनावों में चुने गए बिहार से सभी उसके छह विधायकों में से कोई पार्टी नहीं छोड़ रहा है। ये सारी खबरें फर्जी हैं।
बता दें कि बिहार में जेडीयू ने दावा किया था कि कांग्रेस पार्टी के सभी 6 विधायक उसके संपर्क में हैं और जल्द अपनी पार्टी छोड़ दें। बता दें कि इन अफवाहों ने तब रफ्तार पकड़ी जब मकर संक्रांति त्योहार से पहले कांग्रेस द्वारा आयोजित एक भोज में सभी विधायक शामिल नहीं हुए।
कांग्रेस महासचिव ने खबरों का किया खंडन
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने दिल्ली में बिहार के नेताओं के साथ चर्चा करने के बाद मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, ऐसी अफवाहें थीं कि हमारे छह के छह विधायक पार्टी छोड़ रहे हैं,लेकिन वे सभी आज की मीटिंग में मौजूद थे। ये सभी खबरें अफवाह हैं, झूठी हैं और बिना सिर-पैर हैं।
खबरों के सामने आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने आवास पर एक मीटिंग बुलाई, जिसमें विपक्ष नेता राहुल गांधी भी मौजूद थी।
कितने सीटों पर लड़ी थी कांग्रेस?
बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस, आरजेडी के साथ महागठबंधन के हिस्से के रूप में लड़ी थी। कांग्रेस बिहार में कुल 61 सीटों पर चुनाव लड़ी थी, जबकि आरजेडी 143 सीटों पर लड़ी थी, लेकिन वह केवल 25 सीट ही जीत पाई और कांग्रेस महज 6 सीटों पर सिमट कर रह गई। भाजपा और जेडीयू ने नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ एनडीए ने शानदार जीत दर्ज की।
कांग्रेस के कौन-कौन से विधायकों की थी चर्चा?
जेडीयू ने दावा किया था कि वह कांग्रेस के वाल्मीकि नगर के सुरेंद्र प्रसाद, चनपटिया से अभिषेक रंजन, फोरबिसगंज के मनोज विश्वास, अररिया से आबिदुर रहमान, किशनगंज कमरुल होदा और मनिहारी से विधायक मनोहर प्रसाद सिंह के साथ संपर्क में है। आगे पढ़िए राहुल गांधी की वजह से ‘अपमानित’ हुए शशि थरूर? क्या केरल चुनाव से पहले कुछ बड़ा होगा
