कर्नाटक में आखिरकार चुनाव बाद हुए जनता दल (सेक्युलर) और कांग्रेस के गठबंधन वाली सरकार बन गई। जेडीएस के एचडी कुमारस्वामी ने बुधवार (23 मई) को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली, लेकिन इस औपचारिक कार्यक्रम में देखने वाली बात यह रही है कि एक मंच पर उन सियासी दिग्गजों को एकसाथ देखा गया है जिनके राजनीतिक संबंध काफी तल्ख माने जाते रहे हैं। हालांकि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मायावती के बीच संबंध पिछले दिनों में कटुता से मधुरता में तब्दील होते देखे जा रहे हैं और यहां पहली दफा दोनों नेता सार्वजनिक तौर एकसाथ नजर आए, लेकिन इस मौके पर एक और धुर विरोधी सियासी धड़े ने एक मंच पर एकजुटता का आभाषी संदेश देकर दिलचस्पी की हदों को पार कर दिया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाकपा (एम) के जनरल सेक्रेटरी सीताराम येचुरी को भी एक मंच पर देखा गया। हालांकि येचुरी ने मीडिया से कहा कि ममता बनर्जी से गठबंधन सवाल ही नहीं बनता है।
बता दें कि कुमारस्वामी शपथ ग्रहण समारोह में 2019 लोकसभा चुनाव से ठीक एक वर्ष पहले भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) विरोधी पार्टियों के कई नेता एक मंच पर दिखे। शपथ ग्रहण समारोह यहां विधानसौध के अग्र प्रांगण में आयोजित हुआ, जहां संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन(संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद यादव, बहुजन समाज पार्टी(बसपा) प्रमुख मायावती, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन, आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी, भाकपा सांसद डी राजा, राष्ट्रीय लोकदल के अजित सिंह, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव के बीच गर्मजोशी का दुर्लभ दृश्य देखने को मिला।
#WATCH Sonia Gandhi meets BSP chief Mayawati at Vidhana Soudha in Bengaluru; Congress President Rahul Gandhi also present. pic.twitter.com/bFoW1ujDSp
— ANI (@ANI) May 23, 2018
जेडीएस और कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ताओं द्वारा नेताओं का उत्साह बढ़ाने के बीच राज्यपाल वजुभाई वाला ने कुमारस्वामी और उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वरा को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। दोनों ने कन्नड़ में शपथ ली। चुनाव में 78 सीटें हासिल करने वाली कांग्रेस ने भाजपा को सत्ता से बाहर रखने के लिए जेडीएस के साथ चुनाव बाद गठबंधन किया था। जेडीएस को यहां 37 सीटों पर जीत मिली है। गठबंधन में बसपा का विधायक, एक स्वतंत्र विधायक, एक स्थानीय पार्टी का विधायक भी शामिल हैं। कुमारस्वामी 2006 में भाजपा के समर्थन से पहली बार राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। वह राज्य के 25वें मुख्यमंत्री बने हैं। भाजपा की ओर से कोई भी इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि वह समारोह का बहिष्कार कर रहे हैं, क्योंकि भाजपा पूरे राज्य में ‘काला दिवस’ मना रही है।
#WATCH Opposition leaders, including Congress’ Sonia Gandhi & Rahul Gandhi, SP’s Akhilesh Yadav, RJD’s Tejashwi Yadav, CPI(M)’s Sitaram Yechury and NCP’s Sharad Pawar, with newly sworn-in Chief Minister of Karnataka HD Kumaraswamy at Vidhana Soudha. pic.twitter.com/kTnFBQ0cqC
— ANI (@ANI) May 23, 2018
पिछले हफ्ते येदियुरप्पा चुनाव नतीजे आने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन सदन में बहुमत साबित करने में असफल रहने पर उन्हें तीन दिनों के अंदर अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। शपथ ग्रहण समारोह के लिए तय समय से कुछ देर पहले पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा पहुंचे और उसके बाद कई पार्टियों के नेता और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी समारोह स्थल पर पहुंचे। सोनिया और राहुल गांधी साथ आए थे और दोनों को उत्साहपूर्वक मायावती से बातचीत करते हुए देखा गया। उसके बाद ममता बनर्जी मायावती के पास आईं और बाद में नेताओं ने एक-दूसरे का हाथ पकड़ फोटो खिंचवाई।
कुछ दिन पहले ही एनडीए का साथ छोड़ने वाले नायडू को ममता बनर्जी से बातचीत करते हुए देखा गया और दोनों ने हाथ मिलाकर कुमारस्वामी को बधाई दी। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक समारोह में शामिल नहीं हुए। वहीं तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव मंगलवार को बेंगलुरू आए थे और उन्होंने देवगौड़ा और कुमारस्वामी के साथ मुलाकात की थी। द्रमुक नेता एमके स्टालिन भी तूतीकोरिन जाने की वजह से समारोह में हिस्सा नहीं ले सके, जहां पुलिस गोलीबारी में 11 लोगों की मौत हो गई।
