कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) के चुनावों में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और बीजेपी के बीच एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ दिखाई दी। इसमें शिवसेना बीजेपी से एक सीट आगे से निकल गई।
शुक्रवार को जारी हुए अंतिम नतीजों के अनुसार, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 122 सदस्यीय महानगरपालिका में 52 सीट जीतीं जबकि बीजेपी 51 सीट के साथ दूसरे स्थान पर रही।
केडीएमसी के चुनाव विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) को 11, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को पांच, कांग्रेस को दो और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) को एक सीट मिली।
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बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिकाओं में से बीएमसी समेत 25 में सत्ता हासिल कर ली है।
एकनाथ और श्रीकांत शिंदे का है गढ़
कल्याण-डोंबिवली का इलाका उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके बेटेश्री श्रीकांत शिंदे का गढ़ माना जाता है। श्रीकांत शिंदे कल्याण लोकसभा क्षेत्र से सांसद भी हैं। 2022 में शिवसेना में हुई टूट के बाद कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका का चुनाव न सिर्फ उद्धव ठाकरे बल्कि एकनाथ शिंदे के लिए भी बड़ी परीक्षा था। इसमें निश्चित रूप से शिवसेना शिंदे गुट ने बाजी मारी है।
बीजेपी ने भी अपने प्रदर्शन में काफी सुधार किया है। 2017 में उसने यहां 42 सीटें जीती थी। शिवसेना को 2017 के चुनाव में भी 52 सीटें ही मिली थी।
कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में बीजेपी के कई उम्मीदवारों को आसानी से जीत मिली जबकि शिंदे की शिवसेना के उम्मीदवारों को जीत के लिए संघर्ष करना पड़ा।
शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं का कहना है कि पार्टी प्रमुख उद्धव और उनके बेटे आदित्य ठाकरे ने महानगरपालिका के चुनाव के दौरान एक बार भी कल्याण-डोंबिवली का दौरा नहीं किया और इस वजह से एकनाथ शिंदे और बीजेपी को फायदा हुआ।
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