Himachal Pradesh News: शुक्रवार (16 दिसंबर) को लोकसभा ने एक संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी जिसमें हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के हाटी समुदाय (Hati Community) को अनुसूचित जनजाति (ST) की श्रेणी में शामिल करने का प्रावधान किया गया है । निचले सदन में ‘संविधान (अनुसूचित जनजातियां) आदेश (तीसरा संशोधन) विधेयक, 2022’ पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा (Arjun Munda) ने कहा कि यह विधेयक हिमाचल प्रदेश के उन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए लाया गया है, जो वर्षों से सुदूर, दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में अपनी सांस्कृतिक परंपराओं के साथ रहते आये हैं।
हम समस्या का स्थाई समाधान चाहते हैंः Arjun Munda
अर्जुन मुंडा ने कहा कि उत्तराखंड से लगे हिमाचल के सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले वर्षों से उपेक्षित लोगों के लिए यह विधेयक न्याय देने वाला है। कई अन्य प्रदेशों में विभिन्न जनजातीयों को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने की अनेक सदस्यों की मांग पर मुंडा ने कहा कि मंत्रालय सभी समुदायों के संबंध में कार्रवाई करता है और लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों में सिकल सेल रोग पर मंत्रालय काम कर रहा है और इस दिशा में प्रगति भी हो रही है। मुंडा ने कहा कि हम इस समस्या का स्थायी समाधान चाहते हैं। मंत्री के जवाब के बाद सदन ने ध्वनि मत से ‘संविधान (अनुसूचित जनजातियां) आदेश (तीसरा संशोधन) विधेयक, 2022’ को पारित कर दिया।
Modi Government के बाद से आदिवासी समुदाय कल्याण में बढ़ोत्तरी
इस विधेयक में हिमाचल प्रदेश के हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की श्रेणी में शामिल करने का प्रावधान है। इससे पहले विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस सहित कई दलों के सदस्यों ने अपने-अपने प्रदेशों में कुछ समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिये जाने और जनजातियों के जीवन स्तर में सुधार पर विशेष जोर देने की मांग सरकार से की। भाजपा के रामकृपाल यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद आदिवासी समुदाय के लोगों के कल्याण के लिए कई कदम उठाये गये हैं।
Bihar में लोहार को जनजातीय सुविधा से उपेक्षित होना पड़ा
यादव ने कहा, ‘जनजातीय कार्य मंत्रालय के 2006 के एक अधिनियम के कारण बिहार के लोहार जाति के लोगों को जनजाति की सुविधा से उपेक्षित होना पड़ा। इस कदम के कारण लोग मुश्किल का सामना कर रहे हैं। मेरा आग्रह है कि बिहार के लोहार समुदाय को जनजाति की सुविधा मिलनी चाहिए।’ कांग्रेस के अब्दुल खालिक ने कहा कि अलग-अलग राज्यों के लिए अलग विधेयक लाये जाते हैं, जबकि सभी मांगों को मिलाकर एक विधेयक लाना चाहिए। खालिक ने कहा कि जनजातीय लोगों का जीवन स्तर सुधारने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की जरूरत है।
