दिल्ली वालों की शिकायतों की सीधी निगरानी अब मुख्यमंत्री करेंगे। इससे जन शिकायत प्रबंधन सिस्टम (पीजीएमएस) पर आने वाली किसी भी शिकायत को अब अधिकारी छोड़ नहीं सकेंगे। मामले में सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार के शीर्ष अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही को तुरंत पकड़ा जा सके। इसके लिए हर 15 दिन पर पीजीएमएस की शिकायतों के निपटारे के लिए बैठक होगी। अगली बैठक 17 दिसंबर को होगी। रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी 2015 के बाद से अब तक दिल्ली सरकार के पास विभिन्न विभागों की 259512 शिकायतें मिली और विभिन्न विभागों के पास 3554 शिकायतें लटकी हुई है। इन मामलों के निपटारे के लिए मुख्यमंत्री अब हर
माह की 15 व 31 तारीख को शिकायतों की स्थिति की समीक्षा करेंगे। 16 नवंबर 2018 की रिपोर्ट बताती है कि 15 दिन से अधिक पुरानी करीब 6129 शिकायतें हैं। इन शिकायतों में सबसे अधिक दिल्ली पुलिस 1937, एमसीडी दक्षिण 1493, एमसीडी उत्तरी 870 शिकायतें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त अन्य विभागों में भी ऐसी ही शिकायतें सामने आई है। वहीं दिल्ली सरकार में लटकी हुई शिकायतों में सबसे अधिक शिकायत बाढ़ एवं नियंत्रण विभाग, उपायुक्त कार्यालय उत्तर पश्चिम, लोक निर्माण विभाग पूर्वी दिल्ली समेत अन्य विभागों की है।

मुख्यमंत्री ने आदेश दिए हैं कि सभी शिकायतों का निपटारा तय समय सीमा के अंदर किया जाए। इस समय कुल शिकायतों का करीब 5 फीसद हिस्सा अभी विभागों के पास लटका हुआ है। मुख्यमंत्री ने आदेश दिए हैं कि आने वाली हर शिकायत की सीधे वरिष्ठ अधिकारी निगरानी करें और किसी भी शिकायत को अनसुलझा नहीं छोड़ा जाए। इसके लिए दिल्ली सरकार के अधिकारी व्यक्तिगत तौर पर भी अपने विभागों से संबंधित शिकायतों पर नजर रखें।

किस विभाग में कितनी शिकायतें
विभाग                          कुल शिकायत               लटकी
डीसी साउथ                    1007                              170
डीसी साउथ वेस्ट             1891                              157
जल बोर्ड                         78635                            136
डीएसएसआईडीसी         3240                              135
शिक्षा                              5815                              122
अन्य                               122172                          1110
नोट : (शिकायतें फरवरी 15 से 16 नवंबर 2018 तक)