बिहार में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में बुधवार को सोशल मीडिया समेत तमाम वेबसाइटों पर बिहार में 16 अगस्त तक लॉकडाउन बढ़ाए जाने की खबर फैल गई। राज्य की नीतीश सरकार ने स्पष्टता जाहिर की है। राज्य सरकार का कहना है कि ऐसा कोई फैसला फिलहाल नहीं लिया गया है।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार ने पहले ही सूबे में लॉकडाउन लगा रखा है। बिहार में 31 जुलाई तक लॉकडाउन है। राज्य में रोजाना संक्रमितों के नए मामले सामने आ रहे हैं और औसतन हर रोज 5 से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है।राज्य में लॉकडाउन के दौरान सभी स्कूल कॉलेज बंद हैं। राज्य सरकार की तरफ से कहा गया है कि, सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि सोशल मीडिया में लॉक डाउन के संबंध में एक भ्रामक पत्र वायरल हो रहा है जिसके संबंध में गृह विभाग, बिहार सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये पूरी तरह फ़ेक एवं भ्रामक है।
सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि सोशल मीडिया में लॉक डाउन के संबंध में एक भ्रामक पत्र वायरल हो रहा है जिसके संबंध में गृह विभाग, बिहार सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये पूरी तरह फ़ेक एवं भ्रामक है।https://t.co/P3oZr76YLR#FakeNewsAlert #FakeNews
— IPRD Bihar (@IPRD_Bihar) July 29, 2020
बिहार स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि मंगलवार को राज्य में 16275 सैंपलों की जांच हुई। इससे पहले सोमवार को 14236, रविवार को 14199 व शनिवार को 12456 सैंपलों की जांच हुई थी। अब तक चार लाख 86,835 सैंपलों की जांच हो चुकी है। हालांकि, पिछले 24 घंटे में 1376 संक्रमित ठीक भी हुए। प्रदेश में अब तक 29,220 संक्रमित स्वस्थ्य हो चुके हैं। इस तरह रिकवरी रेट 67.03% है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है।
गौरतलब है कि बुधवार को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 45919 हो गई है। 28 जुलाई को ही राज्य में 1528 नए मरीज मिले हैं। वहीं, 27 जुलाई को 800 मरीज मिले थे। बिहार में अब रोजाना 16 हजार से ज्यादा लोगों का कोरोना टेस्ट हो रहा है। हालांकि, पिछले 4 दिनों से प्रदेश में रोजाना 2 हजार से ज्यादा कोरोना के नए मरीज आ रहे हैं।

