छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के किस्ताराम इलाके के जंगलों में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और नक्सलियों के बीच हुई शनिवार सुबह हुई मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए हैं। मुठभेड़ स्थल से ऑटोमैटिक हथियार भी बरामद किए गए हैं। सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के अनुसार, इलाके में सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान जारी है और पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
वहीं, राज्य के बीजापुर जिले के दक्षिणी क्षेत्र में हथियारबंद माओवादियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड की टीम दक्षिण बस्तर क्षेत्र में अभियान पर निकली थी। इसी दौरान सुबह करीब 5 बजे से DRG और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी शुरू हो गई। सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ स्थल से अब तक दो माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। इसकी पुष्टि बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज ने की है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया के माध्यम से नक्सलवाद को लेकर सरकार के रुख को बेहद साफ और दो टूक शब्दों में रखा था। उन्होंने कहा था कि सरकार की नीति में किसी तरह का कोई भ्रम नहीं है। जो लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, उनके लिए सरकार के दरवाजे खुले हैं और उनका स्वागत किया जाएगा।
अमित शाह ने यह भी स्पष्ट किया था कि जो लोग अब भी बंदूक के सहारे अपनी बात मनवाने की कोशिश करेंगे, उन्हें सुरक्षा बलों की कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने नक्सलवाद के रास्ते पर चल रहे लोगों से एक बार फिर अपील की कि वे हथियार छोड़ें, हिंसा से दूरी बनाएं और देश की मुख्यधारा में शामिल हों।
गृहमंत्री ने अपने संदेश में यह दोहराया कि केंद्र सरकार नक्सलवाद को लेकर किसी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं है। उनका कहना था कि सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और 31 मार्च 2026 से पहले देश से नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।
