महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया। सत्र के दूसरे दिन गुरुवार ( 3 अक्टूबर) को सदन में उस समय सदस्य अपनी हंसी नहीं रोक पाए, जब विधानसभाध्यक्ष ने बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के एक विधायक से कहा, ‘जब प्यार किया तो डरना क्या।’ बता दें कि बीएसपी समेत समूचे विपक्ष ने इस विशेष सत्र का बहिष्कार किया था लेकिन बीएसपी सदस्य मोहम्मद असलम रायनी ने गुरुवार को इसमें शामिल होकर सबको चौंका दिया।
बीएसपी विधायक की बात पर जमकर लगे ठहाकेः विशेष सत्र में पहुंचे बीएसपी विधायक रायनी ने कहा कि वह अंतरात्मा की आवाज पर सत्र में आए हैं और उन्होंने इस विशेष सत्र के प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया। इससे पहले रायबरेली सदर से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह भी बुधवार रात इस विशेष सत्र में शामिल हुई थीं। बीएसपी सदस्य ने मुख्यमंत्री योगी की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘अब ज्यादा धन्यवाद देंगे तो सब कहेंगे कि विलय तो नहीं कर दिया।’जब प्यार किया तो डरना क्या’ पर लगे ठहाके इतना सुनते ही विधानसभाध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि अब डरने की कोई जरूरत नहीं, ‘जब प्यार किया तो डरना क्या।’ उनकी इस टिप्पणी पर मुख्यमंत्री योगी और अन्य सदस्य अपनी हंसी नहीं रोक पाए। विधायक रायनी ने कहा, ‘मेरा मानना है कि विपक्ष के सदस्यों को यहां आना चाहिए और अपने क्षेत्र में चल रही सरकारी योजनाओं की कमियों के बारे में सरकार को अवगत कराना चाहिए।’
योगी सरकार की कानून व्यवस्था को बताया बेहतरः विधायक ने जोर देकर कहा कि वह बीएसपी में ही हैं लेकिन उन्हें यह कहने में कोई संकोच नही है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बहन मायावती की सरकार में अच्छी थी और उसके बाद अब मुख्यमंत्री योगी की सरकार में कानून व्यवस्था बेहतर है। उन्होंने मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि प्रदेश के एक नेता (एसपी के आजम खान) के खिलाफ 83 मामले दर्ज किए गए हैं, उस पर ध्यान दें ताकि यह संदेश जाए कि उनका दिल बहुत बड़ा और साफ है।
बीएसपी नेता ने की बूथ प्रबंधन की तारीफः उन्होंने मांग की कि विधायक निधि बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये कर दी जाए। बीएसपी विधायक ने बीजेपी के बूथ प्रबंधन की तारीफ करते हुये कहा कि जो काम करेगा वह जीतेगा। हम (बीएसपी) बीजेपी के सामने कहीं नहीं ठहरते क्योंकि हमारे यहां हम जैसे विधायकों की कोई कद्र नहीं होती और चुनाव हारने के बाद ईवीएम को दोष देना ठीक नहीं है। मैं सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं से बहुत प्रभावित हूं। मुझे उन लोगों (विपक्ष) के लिए बुरा लग रहा है, जो आज भी यहां नही हैं।’

