महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) समेत 29 नगर निगमों की सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले एक नया विवाद खड़ा हो गया है। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम को ‘चतम’ कहकर संबोधित करने से भाजपा नाराज हो गई है। पार्टी ने इसे कोंकण क्षेत्र के लोगों का अपमान बताया है। हालांकि, शिवसेना ने इस विवाद को भाजपा का हताशा भरा प्रयास बताया है जो मुंबई में चुनाव प्रचार शुरू करने में भी विफल रही है।

15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों और क्षेत्रीय संवेदनशीलता के केंद्र में आने के साथ, भाजपा को उम्मीद है कि ठाकरे की टिप्पणी को कोंकणी लोगों के अपमान के रूप में चित्रित करके उसे गति मिलेगी, जिन्हें ठाकरे परिवार के सबसे समर्पित मतदाता आधारों में से एक माना जाता है।

मुंबई की मराठी भाषी आबादी में ऐतिहासिक रूप से उन परिवारों का वर्चस्व रहा है जो रोजगार की तलाश में राज्य के तटीय कोंकण क्षेत्र से आकर बसे थे। शिवसेना की स्थापना से ही यह वर्ग पार्टी के प्रमुख समर्थकों में से एक रहा है। भाजपा को उम्मीद है कि ठाकरे की टिप्पणी को मराठी-विरोधी बताकर वह शिवसेना के वोट बैंक में सेंध लगा सकती है।

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BMC के लगभग 30% वार्डों में मराठी भाषी आबादी का दबदबा

कोंकण क्षेत्र (रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों) के लोग मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में फैले हुए हैं जिनमें से लालबाग, परेल, वर्ली, सेवरी, जोगेश्वरी, अंधेरी, बोरीवली, भांडुप और विक्रोली जैसे क्षेत्रों में इनकी संख्या अधिक है। इस समूह का एक बड़ा हिस्सा ठाणे और कल्याण-डोम्बिवली क्षेत्रों में भी रहता है। इनमें से अधिकांश क्षेत्र परंपरागत रूप से शिवसेना के गढ़ रहे हैं। बीएमसी के 227 वार्डों में से लगभग 30 प्रतिशत वार्डों में मराठी भाषी आबादी का दबदबा है जहां ठाकरे बंधुओं के गठबंधन-शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना – को बढ़त मिलने की संभावना है। भाजपा की रणनीति शिवसेना के मुख्य आधार को निशाना बनाकर उसका ध्यान भटकाना है।

रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे से साटम के उन आरोपों के बारे में पूछा गया कि शिवसेना (यूबीटी) को वोट देने से मुंबई का ‘ममदानीकरण’ हो जाएगा। साटम लगातार दावा कर रहे हैं कि भाजपा के अलावा किसी भी पार्टी को वोट देने से मुंबई का रंग बदलकर हरा हो जाएगा। ठाकरे ने बार-बार पूछा कि यह दावा किसने किया है और जब एक रिपोर्टर ने उन्हें बताया कि यह अमित साटम ने किया है तो शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने मुस्कुराते हुए पूछा कि क्या यह बात किसी “चतम (चापलूस)” ने कही है?

बीजेपी ने उद्धव की टिप्पणी को मराठी मानुष का अपमान बताया

मुंबई भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने इस टिप्पणी को मराठी मानुष का अपमान बताया। शेलार ने कहा, “उद्धव जी चुनाव प्रचार के दौरान घटिया हरकतें कर रहे हैं। उन्होंने अमित साटम के लिए जिस शब्द का इस्तेमाल किया है, वह मराठी मानुष का अपमान है। मतदाता उन्हें उनकी औकात दिखा देंगे।”भाजपा ने सोमवार को वर्ली में इस बयान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी आयोजित किया, जो उद्धव के बेटे आदित्य का विधानसभा क्षेत्र है।

शिवसेना (यूबीटी) ने पलटवार करते हुए सवाल उठाया कि किसी व्यक्ति के खिलाफ दिया गया बयान कब किसी समुदाय का अपमान बन गया। शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता हर्षल प्रधान ने कहा, “इस व्यक्ति (अमित साटम) की अपनी कोई उपलब्धि नहीं है। बीएमसी इंजीनियर को गाली देते हुए उनका ऑडियो क्लिप मुंबई भर में वायरल हो रहा है। क्या इसका मतलब यह है कि उनकी गालियां पूरे समुदाय के खिलाफ थीं? उद्धव जी ने तो उन्हें गाली भी नहीं दी। उन्होंने तो सिर्फ तथ्य बताए हैं।”

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