भाजपा मतदाताओं के नाम काटने के मामले को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) को अदालत में ले जाएगी। इसकी शुरुआत पार्टी ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराकर की। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी व विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने सोमवार को इस बाबत आयोग में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि ‘आप’ देश को धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश कर रही है, इसलिए उसकी मान्यता रद्द की जाए और पार्टी का चुनाव चिह्न भी जब्त किया जाए। तिवारी ने कहा कि 2015 से 2018 तक दिल्ली में 1373300 मतदाता जोड़े गए थे। इन मतदाताओं में पांच लाख वैश्य समाज से थे। चुनाव आयोग में यह भी शिकायत की गई है कि आम आदमी पार्टी जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। पार्टी की ओर से मतदाताओं को फोन किए जा रहे हैं और उनसे कहा जा रहा है कि भाजपा ने उनका नाम मतदाता सूची से हटवा दिया था और अब आम आदमी पार्टी ने उस नाम को दोबारा सूची में शामिल कर दिया है।

इसके अलावा 4 व 6 दिसंबर 2018 को आम आदमी पार्टी के ट्विटर हैंडल से मतदाताओं के बीच दुष्प्रचार किया गया और भाजपा पर आरोप लगाया गया कि उसने चुनाव आयोग से मिलीभगत कर जनता के वोट कटवा दिए हैं। तिवारी ने कहा कि ऐसा करके सीधेतौर पर पार्टी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई है। इसके अलावा ‘आप’ ने धर्म व जाति के आधार पर वोट काटने का आरोप लगाकर देश की एकता व अखंडता में जहर घोला है। इसलिए उसकी मान्यता रद्द की जाए और चुनाव चिह्न भी वापस हो।

नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि ‘आप’ ने दिल्ली की मतदाता सूची से 30 लाख मतदाताओं का नाम गायब होने का झूठा दुष्प्रचार किया है। इसलिए चुनाव आयोग से निवेदन है कि वह इस पार्टी की मान्यता रद्द कर उसका चुनाव चिह्न वापस ले। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग ने भाजपा की शिकायतों को गंभीरता से लिया है और आश्वासन दिया है कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।