भाजपा के प्रशिक्षण शिविर में दो महिला कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गईं। प्रदेश कार्यसमिति सदस्य लीना सिन्हा और नीतू चौबे के बीच मारपीट हो गई। इस दौरान लीना के चेहरे पर चोटें आई हैं और उनके नाक से भी खून निकल रहा था।
इस मारपीट में लीना सिन्हा के हाथ की उंगली भी टूट गई। वहीं, पूरा मामला सामने आने के बाद पार्टी के पदाधिकारियों ने इसको लेकर किसी तरह की बयानबाजी करने से रोक लगाई है और दोनों को थाने तक मामले ना लेने जाने को कहा है। हालांकि, लीना सिन्हा ने खाने पहुंचकर वहां मौखिक शिकायत दर्ज कराई है।
थाने से पुलिस अधिकारी ने उनको इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा। हालांकि, इस दौरान लीना सिन्हा ने थाने में बातचीत के दौरान मारपीट की किसी घटना से इनकार किया और कहा कि वह सीढ़ी से फिसलकर गिर गई थीं और इसके बाद उनको चोट आ गई थी। दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक, उन्होंने बाद में मारपीट की घटना का जिक्र किया।
उनके मुताबिक, ”प्रशिक्षण शिविर में लंच ब्रेक के बाद जब वह आईं तो देखा कि उनकी कुर्सी पर नीतू बैठी थीं। मैंने कहा कि यहां मेरा सामान रखा है और उनको यहां नहीं बैठना चाहिए था। इसके बाद थोड़ी कहा-सुनी होने लगी तब तक नीतू ने उनपर थप्पड़ चला दिया।” लीना सिन्हा ने कहा कि वे कानूनी कार्रवाई के लिए आगे भी जाएंगीं। पूरे मामले पर जिलाध्यक्ष ने मारपीट की घटना से इनकार करते हुए कहा कि कोई कहा-सुनी हुई होगी। उन्होंने कहा कि मारपीट जैसी घटना नहीं हुई है।
2019 में हुई थी मारपीट की घटना
लीना सिन्हा ने बताया कि 2019 में भी उनके और श्वेता सिंह के बीच मामला इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच मारपीट की नौबत आ गई थी। ये विवाद एयरपोर्ट परिसर पीएम मोदी की विजय संकल्प रैली के दौरान सामने आया था। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में श्वेता सिंह भी पहुंची थीं। उनके साथ पांच-सात अन्य महिलाएं भी थीं। इन महिलाओं का नाम नहीं मालूम है। इसी दौरान एक महिला ने कहा कि लीना इधर आ रही है। इतना सुनते ही श्वेता सिंह मेरे पास आ गई और मारपीट करने लगी।
