बिहार में नई सरकार बन चुकी है और नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। बिहार चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत हुई है जबकि महागठबंधन की करारी हार हुई है। मुस्लिम बहुल सीटों पर भी एनडीए ने जीत दर्ज की है। इस बार बिहार विधानसभा में केवल 11 मुस्लिम विधायक जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। वहीं पांच मुस्लिम विधायक हिंदू बहुल सीटों पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। आईए जानते हैं उन पांच हिंदू बहुल सीटों के बारे में, जहां से मुस्लिम विधायक जीते हैं।
चैनपुर विधानसभा सीट
चैनपुर विधानसभा सीट से जनता दल यूनाइटेड के मोहम्मद जमा खान ने जीत दर्ज की है। उन्होंने राजद के ब्रिज किशोर बिंद को हराया है। चैनपुर विधानसभा सीट हिंदू बहुल सीट है और यहां पर केवल 10 फीसदी मुस्लिम आबादी है।
ढाका विधानसभा सीट
ढाका विधानसभा सीट से राजद के फैसल रहमान ने जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा के पवन कुमार जायसवाल को महज 178 वोटों से हराया। ढाका विधानसभा सीट भी हिंदू बहुल सीट है, लेकिन यहां पर मुस्लिम आबादी निर्णायक है। इस सीट पर 32 फ़ीसदी मुस्लिम आबादी है। 2020 में इस सीट से बीजेपी के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी।
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बिस्फी विधानसभा सीट
बिस्फी विधानसभा सीट से राजद के आसिफ अहमद ने जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा के हरीभूषण ठाकुर को हराया है। 2020 में हरीभूषण ठाकुर बीजेपी के उम्मीदवार थे और उन्होंने जीत दर्ज की थी। बिस्फी विधानसभा सीट हिंदू बहुल सीट है। हालांकि मुस्लिम आबादी यहां पर 40 फीसदी है।
रघुनाथपुर विधानसभा सीट
रघुनाथपुर विधानसभा सीट आरजेडी का गढ़ मानी जाती है। यहां से मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा साहब ने जीत दर्ज की है। यह हिंदू बहुल सीट है और इस सीट पर मुस्लिम आबादी केवल 17 फीसदी है। इसके बावजूद यह शहाबुद्दीन का गढ़ मानी जाती है।
अररिया विधानसभा सीट
अररिया विधानसभा सीट कांग्रेस का गढ़ है और यहां पर 2015 से अब्दुर रहमान जीत रहे हैं। यह सीट हिंदू बहुल है और यहां पर मुस्लिम आबादी करीब 32 फीसदी है। इस बार अब्दुर रहमान ने 12000 से अधिक वोटों से जीत दर्ज की है।
