बिहार में कोरोना वायरस और बाढ़ के चलते हाल बेहाल है। राज्य कोरोना वायरस के साथ बाढ़ की दोहरी मार झेल रहा है। राज्य में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पांच दिन में राज्य में कोरोना के नए मामले दोगुने हो गए हैं। राज्य में पांच हजार मरीज बढ़ गए हैं। बाढ़ और कोरोना के चलते राज्य में हाहाकार मचा हुआ है।
कोरोना के मामलों को बढ़ता देख राज्य में फिर से 15 दिन के लिए लॉकडाउन लगाना पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 11 जुलाई को राज्य में कोरोना के 631 नए मामले सामने आए थे, वहीं, 12 जुलाई को 798 मामले, 13 जुलाई को 1269 मामले ,14 जुलाई को 1317 मामले और 15 जुलाई को नए केस के आंकड़े बढ़कर 1325 हो गए। 12 जुलाई को संक्रमितों का कुल आंकड़ा 14575 था, 13 जुलाई को 15373, 14 जुलाई को 17959 और 15 जुलाई को यह 19284 हो गया। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के सामने बिहार की नीतीश सरकार भी लाचार नजर आ रही है।
वहीं, बिहार की नदियों ने भी रौद्र रूप ले लिया है। गोपालगंज में गंडक नदी के किनारे बसे 3 दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में हैं। कई घर जगमग्न हो गए हैं। बाढ़ के चलते सतर घाटल पुल का एक हिस्सा ही ढह गया। बीते 16 जून को सीएम नीतीश कुमार ने इस महासेतु का उद्घाटन किया था। इसे बनाने में 264 करोड़ की लागत आई थी। 8 साल में बना ये पुल एक महीने में ही ढह गया।
गौरतलब है कि बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पिछले 24 घंटे में 14 और व्यक्तियों की मौत हो जाने से मृतकों की संख्या बढ़कर बुधवार को 157 पर पहुंच गई। इस महामारी से अब तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या भी बढ़कर 20173 हो गयी है।
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बिहार में पिछले 24 घंटे के दौरान पटना में पांच, गया एवं मुंगेर में दो—दो तथा औरंगाबाद, बेगूसराय, भागलपुर, नवादा एवं सारण जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत के साथ प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 157 हो गयी। बुधवार को कोरोना के 1320 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। अब तक राज्य में 13019 मरीज कोरोना से ठीक हो चुके हैं।
