बिहार में चुनाव से पहले नीतीश कुमार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। बिहार सरकार के शिक्षा विभाग की तरफ से पंचायत के तहत आने वाले प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती नियमों के संबंध में बदलाव किया गया है।

बिहार शिक्षा विभाग की तरफ से यह जानकारी दी गई गई कि पंचायत प्राइमरी स्कूल में शिक्षक पदों पर भर्ती के लिए सिर्फ बिहार के निवासी ही आवेदन कर सकेंगे। मालूम हो कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी राज्य में उपचुनाव से पहले इसी तरह का निर्णय लिया था। शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि राज्य की सरकारी नौकरियों के लिए सिर्फ राज्य के युवक ही आवेदन कर सकेंगे।

इससे पहले 18 अगस्त को नीतीश कुमार सरकार ने राज्य में नियोजित शिक्षकों को लेकर एक और बड़ा फैसला किया था। नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में जिला परिषद, बिहार नगर निकाय माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय सेवा, और बिहार पंचायत प्रारंभिक विद्यालय  (नियुक्ति, प्रोन्नति, स्थनांतरण, कार्रवाई एवं सेवा शर्ता) नियमावली 2020 को मंजूरी दी गई थी।

राज्य के पंचायतीराज और नगर निकाय संस्थानों के नियोजित शिक्षकों के मूल वेतन में 15 फीसद की वृद्धि का एलान किया गया था। इससे साढ़े तीन लाख शिक्षकों को पहली अप्रैल 2021 से यह लाभ मिलने की बात कही गई थी। साथ ही उन्हें सामाजिक सुरक्षा के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) का भी लाभ भी मिलने की घोषणा की गई। इस प्रकार कार्यरत शिक्षक, पुस्तकालयाध्यक्ष के वेतन में ईपीएफ स्कीम के साथ 20 फीसदी से अधिक की वृद्धि होगी।

मालूम हो कि बिहार शिक्षा विभाग ने बिहार प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2020 के लिए भर्ती की प्रक्रिया शुरू की है। राज्य में 94,000 टीचरों के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्राइमरी शिक्षक भर्ती के लिए 15 जून से ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं। इसकी आखिरी तारीख 14 जुलाई है। बिहार हाई कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार ने भर्ती का ये शेड्यूल जारी किया है।

इस टीचर वैकेंसी में वही सदस्य आवेदन कर सकते हैं जिनके पास NIOS से 18 महीने का एलिमेंट्री एजुकेशन में डिप्लोमा (D.El.Ed) है। इसके साथ ही जो उम्मीदवार नवंबर 2019 तक CTET या TET पास कर चुके हैं। उम्मीदवारों की आयु सीमा 18-37 वर्ष के बीच होनी चाहिए। जिन सदस्यों ने CTET दिसंबर 2019 एग्जाम पास किया है, वो इस भर्ती में आवेदन करने के योग्य नहीं होंगे।