उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में यूजीसी कानून के विरोध में इस्तीफा देने वाले सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने जिलाधिकारी पर बड़ा आरोप लगाया है। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि डीएम अविनाश सिंह ने फोन करके उन्हें बात करने के लिए बुलाया था, पर डीएम ने अपने आवास पर मुझे बंधक बनाकर रखा साथ ही उनसे अभद्र भाषा में बात की।
साथ ही अलंकार अग्निहोत्री ने अपनी जान का खतरा भी बताया है। उन्होंने कहा कि डीएम ने उनसे कहा है कि वह 2 घंटे में अपना आवास खाली कर दें, डीएम के पास लखनऊ से फोन आ रहा है।
डीएम ने बनाया बंधक- अलंकार अग्निहोत्री
अलंकार अग्निहोत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “बरेली के जिलाधिकारी ने आज वार्ता के लिए मुझे अपने आवास पर बुलाया था। करीब 45 मिनट तक मैं बंधक था। फिर मैंने तुंरत साथ में रहे सचिव दीपक पांडेय जी को कॉल किया और बताया कि मुझे बंधक बना रखा हुआ है और जब मैंने यह जानकारी डीएम साहब और कप्तान साहब को दी तो फिर आनन-फानन में मुझे छोड़ दिया गया।”
‘पंडित पागल हो गया है’
आगे कहा, “मैं डीएम सर के आवास के अंदर बहुत देर तक बंधक था और यह प्लानिंग चल रही थी कि रातभर मैं बंधक रहूं और किसी भी तरीके से मैं रात भर इसी आवास में पड़ा रहूं। लखनऊ से एक कॉल आया था और डीएम साहब स्पीकर पर बात कर रहे थे, वह बंद करना भूल गए, उधर से बात कर रहे व्यक्ति ने अभद्र भाषा में कहा ‘पंडित पागल हो गया है’, ये हमारे लिए बोला जा रहा था।”
आगे मीडिया से कहा, “डीएम से पूछिए कि ये किससे इस समय बात कर रहे थे, जिसमें मुझे ये शब्द कहे गए और अगले दो घंटे में आवास खाली करने को कहा गया है।” इसके बाद उन्होंने अपने साथियों से आवास खाली करने में मदद मांगी।
2016 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं अलंकार अग्निहोत्री
जानकारी दे दें कि सोमवार की दोपहर सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और यूजीसी नियम के नए कानून को लेकर अपना विरोध जताया। अलंकार अग्निहोत्री 2016 बैच के पीसीएस अधिकारी है। अलंकार अग्निहोत्री ने मांग की यूजीसी के नए कानून को वापस लिया जाए। साथ ही एक काला कानून बताया। वहीं, उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानके अपमान का मुद्दा भी उठाया। आगे पढ़िए यूजीसी कानून और अविमुक्तेश्वरानंद विवाद के विरोध में बरेली सिटी मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा, 2016 बैच के पीसीएस ऑफिसर हैं अलंकार अग्निहोत्री
