पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और सीबीआई के बीच चल रहे विवाद के मद्देनजर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने विपक्ष पर हमला बोला है। उन्होंने सीएम ममता के समर्थन में आए विपक्ष के नेताओं को इशारों में कहा कि ‘चोरों का तंत्र’ देश की सत्ता पर काबिज होने का इच्छुक है। जेटली ने कहा कि पुलिस के एक अधिकारी से पूछताछ करने पर सुपर इमरजेंसी या संघवाद पर हमला कैसे हो जाता है? साथ ही उन्होंने कहा कि सबसे महत्त्वपूर्ण यह है कि चोरों का तंत्र अब देश की सत्ता पर कब्जा करना चाहता है।

दरअसल, कोलकाता पुलिस कमिश्नर से चिटफंड घोटाले में पूछताछ के मुद्दे पर सीबीआई और पश्चिम बंगाल सरकार में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। जिसके बाद ममता ने धरने पर बैठने का ऐलान कर दिया। इस दौरान राहुल गांधी, अखिलेश यादव, स्टालिन, तेजस्वी यादव, शरद पवार समेत विपक्ष के तमाम नेताओं ने ममता को समर्थन दिया। इस के मद्देनजर अरुण जेटली ने पूरे विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा कि सीबीआई के कोलकाता पुलिस प्रमुख की जांच को लेकर बनर्जी द्वारा दी गई ‘हद से ज्यादा प्रतिक्रिया’ ने सार्वजनिक बहस के कई मुद्दों को खड़ा कर दिया है। इसके अलावा उन्होंने कहा, ‘इनमें से सबसे महत्त्वपूर्ण यह है कि चोरों का तंत्र अब देश की सत्ता पर कब्जा करना चाहता है।’

बता दें कि जेटली ने फेसबुक पर ‘द क्लेप्टोक्रेट्स क्लब’ शीर्षक से एक पोस्ट में लिखा कि पश्चिम बंगाल चिट फंड घोटाला 2012-13 में सामने आया। इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को सौंप दी थी। उन्होंने लिखा, ‘अदालत ने इस तरह की जांच की निगरानी की। सीबीआई ने पूछताछ की और यहां तक कि कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया। कई लोगों को जमानत मिली। अगर पूछताछ के लिए पुलिस के एक अधिकारी की जरूरत पड़ती है तो यह ‘सुपर इमरजेंसी’, ‘संघवाद पर हमला’ या ‘संस्थानों की बर्बादी’? कैसे हो जाता है।”

इसके अलावा जेटली ने ममता समेत विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, “2019 के चुनाव मोदी बनाम अव्यवस्था या मोदी बनाम अराजकता होंगे। ममता बनर्जी का हालिया नाटक इस बात का सबसे अच्छा सबूत है कि भारत का विपक्ष कैसा सुशासन दे सकता है।”