सेना के सिग्नल यूनिट के सूबेदार रामबीर कौशिक खिलाफ के जालसाजी और अदालत को गुमराह करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुल प्रहलादपुर थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 420,468,471,506/34 के तहत मामला दर्ज किया गया है। अदालत ने इसे गंभीरता से लिया है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी फरार है। चौंकाने वाले तथ्य ये हैं कि सूबेदार रामबीर कौशिक न केवल सेना में अहम पद पर हैं बल्कि इजराइल और लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति सैन्य दल को सेवा दे चुके हैं। अदालत ने इसे गंभीरता से लिया है। न्यायाधीश नीना बंसल कृष्णा ने कौशिक की जमानत अर्जी खारिज कर तत्काल कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
वादी के वकील के मुताबिक, सूबेदार रामबीर कौशिक ने दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर अदालत में वैसे बिल प्रस्तुत किए जो थे ही नहीं। पुलिस ने जब जांच की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। मसलन दवाई की दुकान से गहने खरीदने का फर्जी बिल लगाकर पैसे भुनाने और अदालत को गुमराह करने की कोशिश की गई। जब पुलिस बिल के सत्यापन के लिए दुकान के पते पर पहुंची तो सन्न रह गई। वह दुकान आभूषण की नहीं, दवाई व मेडिकल उपकरण की थी।
यह दहेज मामला से जुड़ा है। पति से अलग रह रहीं पूजा के पिता सूबेदार रामबीर कौशिक ने अदालत में दावा कर शादी में हुए सभी खर्च विरोधी पक्ष से दिलाने की याचिका दी थी। उन्होंने दावा किया था कि शादी में 55-60 लाख खर्च किए थे। जबकि वर पक्ष इससे इनकार कर रहा था।
और अपने दावों को साबित करने के लिए रामबीर कौशिक ने कथित तौर पर तमाम बिल अदालत में जमा कराए। लेकिन पुलिस जांच में वो टिक न सके, कई फर्जी निकले। इतना ही नहीं उनमें एक बिल पर तारीख देख अदालत चौंकी। दोनों परिवारों के अलग होने और इस बाबत मामला दर्ज होने के बाद की तारीख इस पर डली है।
अदालत में यह चौंकाने वाला तथ्य उभरा कि यह कैसे हो सकता है कि एफआइआर दर्ज होने या मुकदमा शुरू होने के बाद वर पक्ष को वधु पक्ष दहेज वास्ते कुछ खरीदारे करे। बहरहाल विफरी अदालत ने उलट प्रथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए। आरोपी फरार हैं, छापेमारी जारी है। दरअसल यह पहला मौका नहीं है जब अदालत ने ऐसे कदम उठाएं हों। दहेज मामले में कई बार झूठा आरोप लगाने वाली महिलाओं पर भी अदालतों ने मुकदमा दर्ज कराया है।
’दहेज मामले की तफ्तीश के दौरान अदालत के सामने आए चौंकाने वाले तथ्य।
’फर्जीवाड़ा कर वैसे तथ्य पेश किए जो थे ही नहीं। दवा दुकान से गहने खरीदने का बनवाया बिल।
