राजस्थान में विधानसभा चुनाव के बाद अब नतीजों से पहले के मंथन के दौर शुरू हो गए हैं। भाजपा और कांग्रेस ने बहुमत नहीं मिलने की स्थिति को देखते हुए अभी से जीत की संभावना वाले निर्दलियों को साधना शुरू कर दिया है। भाजपा ने रविवार को यहां बैठक कर संभावित नतीजों का आकलन किया, तो कांग्रेस की सभी गतिविधियां दिल्ली में चली। कांग्रेस की सरकार बनने की स्थिति में अब मुख्यमंत्री को लेकर कशमकश तेज हो गई है। प्रदेश के नतीजे मंगलवार को आएंगे पर उससे पहले सियासी माहौल गरम हो गया है।
सूबे में सात दिसंबर को हुए मतदान के बाद आए कइ एजंसियों के मतदान बाद अनुमान और सट्टा बाजार की अटकलों ने भाजपा और कांग्रेस को सकते में डाल दिया है। भाजपा को लगता है कि प्रदेश में इस बार किसी भी दल को साफ बहुमत नहीं मिलेगा और त्रिशंकु विधानसभा बनेगी। इसके चलते ही उसने अब अपनी जोड़तोड़ की सरकार बनाने की रणनीति पर भी अमल शुरू कर दिया है। प्रदेश भाजपा की कोर कमेटी की रविवार को यहां लंबी बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे समेत तमाम नेता मौजूद थे। हालांकि मुख्यमंत्री राजे ने तमाम सर्वे रिपोर्ट को नकारते हुए दावा किया कि उनकी फिर से बहुमत की सरकार बनेगी। इसके बावजूद भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश के कई नेता मानते हैं कि स्पष्ट बहुमत मिलने के आसार कम हैं। इसलिए अभी से पार्टी से बागी होकर चुनाव लड़ने वाले ऐसे नेताओं को साधा जाए जो सरकार बनाने में मदद कर सकें।
इसके बाद ही मुख्यमंत्री राजे ने भी अपने लोगों को जीतने की स्थिति वाले निर्दलियों को टटोलने के लिए दौड़ा दिया। प्रदेश भाजपा की चुनाव अभियान समिति के संयोजक और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का कहना है कि पार्टी सभी विकल्पों पर विचार कर रही है। शेखावत ने माना कि पार्टी ने जो 180 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा था, वह सिर्फ कार्यकतार्ओं का मनोबल बढ़ाने के लिए था। मतदान के बाद जो रिपोर्ट मिल रही है, उस पर नए सिरे से मंत्रणा की जा रही है। प्रदेश भाजपा की रविवार को हुई बैठक में भी नेताओं ने अपनी राय रख निर्दलियों को साधने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री राजे शनिवार को भी भाजपा कार्यालय आई और रविवार को तो लंबी बैठकों के दौर चले।
दूसरी तरफ मतदान बाद अनुमानों और अन्य रिपोर्ट के बाद कांग्रेस में उत्साह का माहौल बन गया है। कांग्रेस का साफ मानना है कि उसकी बड़े बहुमत से सरकार बनेगी। इसके चलते ही कांग्रेस के तमाम बडे़े नेताओं ने दिल्ली कूच कर लिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दिल्ली पहुंच गए हैं। दोनों नेताओं ने कांग्रेस आलाकमान से मिल कर राजस्थान में बहुमत की सरकार बनाने का दावा किया। प्रतिपक्ष के नेता रामेश्वर डूडी भी रविवार को दिल्ली पहुंच गए। प्रदेश में कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री पद के लिए पायलट और गहलोत की दावेदारी को लेकर ही पार्टी में हलचलें तेज हो गई है। दोनों ने ही विधानसभा का चुनाव लड़ा है। गहलोत का कहना है कि मुख्यमंत्री का फैसला पार्टी आलाकमान करेगा। उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, उसे वह पूरा करेंगे। पायलट ने भी इस मसले पर आलाकमान की तरफ ही इशारा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकतार्ओं ने पूरे पांच साल तक जो कड़ी मेहनत की उसका फल अब 11 दिसंबर को मिलेगा।

