• English English
  • தமிழ் தமிழ்
  • বাংলা বাংলা
  • മലയാളം മലയാളം
  • ગુજરાતી ગુજરાતી
  • हिंदी हिंदी
  • मराठी मराठी
  • Business Business

Jansatta

  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • Instagram
LIVE TV
  • होम
  • ताजा खबर
  • राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • राज्य
  • फोटो
  • वीडियो
  • आस्था
  • लाइफस्टाइल
  • हेल्थ
  • टेक्नोलॉजी
  • पैसा
  • एजुकेशन
  • ई-पेपर
  • इन्वेस्टिगेशन स्टोरी
  • Maharashtra Civic Polls
  • Maharashtra Result
  • BMC Result
  • सही हिंदी
  • वायरल
  • राशिफल
  • हिन्दू कैलेंडर
  • इन्वेस्टिगेशन स्टोरी
  • Maharashtra Civic Polls
  • Maharashtra Result
  • BMC Result
  • सही हिंदी
  • वायरल
  • राशिफल
  • हिन्दू कैलेंडर
  1. Hindi News
  2. Photos
  3. picture gallery
  4. why cities still build clock towers in the digital age

क्या आपने सोचा है, शहरों में क्लॉक टावर क्यों बनाए जाते हैं?

History of Clock Towers: भारत में क्लॉक टावर की शुरुआत ब्रिटिश शासन के दौरान हुई थी। 18वीं से लेकर 20वीं सदी तक, अंग्रेजों ने देश के अलग-अलग शहरों में भव्य क्लॉक टावर बनवाए।

By: Archana Keshri
April 11, 2025 18:28 IST
हमें फॉलो करें
  • Clock Towers in India
    1/7

    आज के दौर में, जब हर किसी के हाथ में मोबाइल फोन और घड़ी मौजूद है, क्लॉक टावर का महत्व कम होता जा रहा है। इसके बावजूद, देश के कई शहरों में नए क्लॉक टावर बनाए जा रहे हैं। हाल ही में बिहार के बिहारशरीफ में एक क्लॉक टावर 40 लाख रुपये की लागत से बनाया गया, जो शुरू होते ही विवादों में आ गया। (Photo Source: Facebook)

  • 2/7

    दरअसल, इस क्लॉक टावर ने उद्घाटन के एक दिन बाद ही काम करना बंद कर दिया था। ऐसे में सवाल उठता है — जब अब इनकी जरूरत नहीं रही, तो इन्हें बनाया क्यों जा रहा है? (Photo Source: Facebook)

  • 3/7

    इतिहास में झांकें तो…
    भारत में क्लॉक टावर की शुरुआत ब्रिटिश राज के दौरान 18वीं से 20वीं शताब्दी के बीच हुई। उस समय घड़ी पहनना आम नहीं था, और लोगों के पास समय जानने के सीमित साधन थे। ऐसे में क्लॉक टावर एक सार्वजनिक घड़ी के रूप में सामने आया। लेकिन केवल समय बताना ही इसका एकमात्र उद्देश्य नहीं था। (Photo Source: Pexels)

  • 4/7

    ब्रिटिश सोच और क्लॉक टावर
    ब्रिटिश शासन में क्लॉक टावर को आधुनिकता, अनुशासन और नियंत्रण का प्रतीक माना जाता था। यह दर्शाता था कि शहर प्रशासनिक रूप से संगठित है और यहां समय की कीमत समझी जाती है। क्लॉक टावर यह संदेश देता था कि ‘यह शहर ब्रिटिश राज के नियमों के अनुसार चल रहा है’। (Photo Source: Pexels)

  • 5/7

    समय का सिंबल, शहर की शान
    क्लॉक टावर एक शहर की पहचान बन गया। जैसे जोधपुर का घंटाघर, लखनऊ का हुसैनाबाद क्लॉक टावर, या कानपुर का क्लॉक टावर — ये सभी अपने-अपने शहर की ऐतिहासिक धरोहर हैं। ये न सिर्फ समय दिखाते थे, बल्कि एक आर्किटेक्चरल लैंडमार्क के रूप में शहर की सुंदरता और विकास का प्रतीक भी बन गए। (Photo Source: Pexels)

  • 6/7

    वक्त बदला, पर महत्व बरकरार
    आज टेक्नोलॉजी के युग में भले ही क्लॉक टावर की व्यावहारिक जरूरत कम हो गई हो, लेकिन इसका सांस्कृतिक और प्रतीकात्मक महत्व अब भी कायम है। इन्हें देखकर पुराने दौर की यादें ताजा होती हैं। नए क्लॉक टावर आज शहरों में एक आइकोनिक स्ट्रक्चर के रूप में बनाए जाते हैं, जो पर्यटन, विरासत और पहचान का हिस्सा बनते जा रहे हैं। (Photo Source: Pexels)

  • 7/7

    क्या आज की पीढ़ी समझती है इसका महत्व?
    शायद आज की युवा पीढ़ी के लिए क्लॉक टावर सिर्फ एक पुरानी इमारत भर है, लेकिन अगर इसे सही ढंग से प्रस्तुत किया जाए — जैसे उसमें ऐतिहासिक जानकारी, डिजाइन की विशेषता, और स्थानीय विरासत को जोड़ा जाए — तो यह एक जीवंत संग्रहालय बन सकता है। (Photo Source: Pexels)
    (यह भी पढ़ें: पैरों में बेड़ियां, कमर में जंजीर, 17 साल बाद पकड़ा गया ‘आतंक का साझेदार’, NIA की हिरासत में 26/11 मुंबई हमले का मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा, देखें तस्वीरें)

TOPICS
Bihar
Bihar News
Bihar News in Hindi
अपडेट
कब्ज से हैं परेशान और मल बाहर नहीं निकल रहा? तो तुरंत इन फूड्स से बनाएं दूरी, वरना बढ़ सकती है परेशानी
Tata Technologies Q3 Results: टाटा ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 96% घटा, जानें रेवेन्यू समेत बाकी डिटेल
IND U19 vs BAN U19: मुस्तफिजुर विवाद के बाद पहली बार आमने-सामने होंगे भारत-बांग्लादेश, टॉप पर रहना चाहेगी टीम इंडिया
‘जनता का विश्वास सिर्फ पीएम मोदी…’, महाराष्ट्र निकाय चुनाव के नतीजों पर अमित शाह का पहला रिएक्शन
Rahu Ketu Review: पुलकित सम्राट और वरुण शर्मा की जोड़ी ने मचाया धमाल, पौराणिक सोच और मॉडर्न कॉमेडी है ‘राहु केतु’
स्टीव स्मिथ ने 41 गेंदों पर ठोककर टीम को दिलाई जीत, डेविड वार्नर का रिकॉर्ड तोड़ बने नंबर 1 बैटर
महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों में बीजेपी की बंपर जीत पर सीएम देवेंद्र फड़नवीस का पहला रिएक्शन
सबसे ज्‍यादा पढ़ी गई
हर्निया के शुरुआती लक्षणों को किया नजरअंदाज तो हो सकता है नुकसान, डॉक्टर से जानें कब हालात हो जाते हैं चिंताजनक
Explained: वेनेजुएला की नेता मचाडो ने डोनाल्ड ट्रंप को सौंपा नोबेल, क्या इस पुरस्कार को ट्रांसफर किया जा सकता है?
Google Pixel 10a Price Leak: गूगल के नए स्मार्टफोन की कीमत लॉन्च से पहले लीक, जानें लॉन्च डेट, फीचर्स और डिजाइन का भी खुलासा
रविवार के दिन भी खुलेगा शेयर बाजार, आम बजट से पहले NSE-BSE से आई बड़ी खबर, आप भी करते हैं निवेश तो जान लें हर अपडेट
फोटो गैलरी
11 Photos
ईरान को अमेरिका से बचाने वाले कौन हैं अली लारीजानी? रणनीति ऐसी की ट्रंप उलझ गए
1 hour agoJanuary 16, 2026
9 Photos
कमजोर दिल वालों के लिए नहीं है ये हॉरर फिल्में, अकेले देखने की गलती मत करना, रात में लाइट बंद करके देखी तो उड़ जाएगी नींद
2 hours agoJanuary 16, 2026
8 Photos
पीठ दर्द, पैरों की जकड़न, कूल्हों, रीढ़ और पाचन के लिए फायदेमंद है ये योगासन, पूरे शरीर को मिलता है लाभ
3 hours agoJanuary 16, 2026
और पढ़ें
Terms & Condition Privacy Policy Contact Us
Copyright © 2026 The Indian Express [P] Ltd. All Rights Reserved

  • होम
  • ताजा खबर
  • राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
    • क्रिकेट
    • लाइव क्रिकेट स्कोर
  • राज्य
  • फोटो
  • वीडियो
  • आस्‍था
  • लाइफस्टाइल
  • हेल्थ
  • टेक्नोलॉजी
  • एजुकेशन
  • जुर्म
  • वेब स्टोरी
  • पॉडकास्ट
  • जनसत्ता ई-पेपर
  • ऑटो
  • अंतरराष्ट्रीय
  • ट्रेंडिंग
  • व्यापार
  • विचार
  • राजनीति
  • राशिफल
  • Shorts
  • रील
  • जनसत्ता स्पेशल
  • हमसे संपर्क करें:
  • T&C
  • Privacy Policy
  • About US