-
ओम बिरला लगातार दूसरी बार लोकसभा के अध्यक्ष चुने गए हैं। ओम बिरला को ध्वनिमत से स्पीकर चुना गया है। उनके सामने विपक्षी INDIA ब्लॉक ने केरल के मवेलीकारा से 8 बार सांसद कोडिकुन्निल सुरेश को खड़ा किया था। (ANI)
-
ओम बिरला जितने अच्छे नेता है उतने ही अच्छे समाजसेवी हैं। 18वीं लोकसभा अध्यक्ष जरूरतमंदों के लिए हर मौके पर खड़े रहे हैं। इसके साथ ही दूसरी बार लोकसभा अध्यक्ष बनते ही उन्होंने दो रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। आइए जानते हैं उनके बारे में कुछ खास बातें: (ANI)
-
ओम बिरला कोटा के इतिहास में वैद्य दाऊदयाल जोशी के बाद लगातार तीन बार विधानसभा और तीन बार लोकसभा चुनाव जीतने वाले पहले नेता हैं। (ANI)
-
ओम बिरला के सामाजिक कार्यों की बात करें तो उन्होंने कोटा के बूंदी अपने संसदीय क्षेत्र में सुपोषित मां अभियान चलाया था। इसके तहत उनके संसदीय क्षेत्र के वंचित परिवारों की 8500 से अधिक गर्भवती महिलाओं में पोषण की कमी दूर करने के लिए उन्हें प्रसव होने तक प्रतिमाह पोषण किट दी गई। (Indian Express)
-
ओम बिरला ने अपने संसदीय क्षेत्र कोटा में कई सरकारी योजनाओं और जनसहयोग से करीब 3900 दिव्यांग और वरिष्ठों को करीब 6 करोड़ रुपये के सहायक उपकरण दिए थे। (Indian Express)
-
उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में हॉस्पिटल ऑन व्हील्स सेवा का संचालन किया था जिसके तहत 1497 गांवों में जाकर 1 लाख से भी अधिक लोगों की जांच की गई और 600 से अधिक गंभीर रोगियों को दिल्ली एम्स के साथ अन्य बड़े अस्पतालों में उपचार करवाया गया। (Indian Express)
-
इसके अलावा सड़क किनारे शीतल छांव, चप्पल वितरण, कम्बल निधि, स्वेटर वितरण और संसदीय क्षेत्र बूंदी को हरा भरा बनाने के लिए हर वर्ष पौधारोपण अभियान का आयोजन किया। इसके अलावा भी उनके नाम कई और सामाजिक कार्य हैं। (Indian Express)
-
सिर्फ इतना ही नहीं कोरोना काल में भी उन्होंने लोगों की खूब मदद की। यहां तक कि पक्ष हो या विपक्ष हर किसी से वो समय समय पर हाल चाल लेते रहते हैं। (Indian Express)
-
अब ओम बिरला के रिकॉर्ड की बात करें तो पुराने संसद भवन के बाद नए संसद भवन में भी लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने वाले पहले नेता बन गए हैं। (Indian Express)
-
इसके अलावा दूसरी बार लोकसभा की कुर्सी पर बैठने वाले वाले देश के छठे नेता बन गए हैं। अगर वो लगातार 5 साल और लोकसभा अध्यक्ष के रूप में काम करते हैं तो भारत के इतिहास में लगातार 10 साल लोकसभा अध्यक्ष के रूप में काम करने का रिकॉर्ड उनके नाम होगा। (Indian Express)
-
ओम बिरला से पहले जीएमसी बालयोगी, बलराम जाखड़, नीलम संजीव रेड्डी, गुरुदयाल सिंह ढिल्लों और एम अयंगर दूसरी बार लोकसभा अध्यक्ष चुने जा चुके हैं लेकिन इनमें से कोई भी अपना दूसरा कार्यकाल (10 साल तक) पूरा नहीं कर सका। (Indian Express)
-
ओम बिरला ने अपने पहले कार्यकाल यानी 17वीं लोकसभा के दौरान लोकसभा अध्यक्ष रहते हुई कई महत्वपूर्ण कानून पारित किए। जिसमें जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, 2019 (धारा 370), नागरिकता संशोधन विधेयक (CAA), ट्रिपल तलाक (मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2019), चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक, भारतीय न्याय संहिता 2023 और नारी शक्ति वंदन विधेयक 2023 (महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण) के साथ ही उन्होंने संसद में कई और महत्वपूर्ण कानून पारित किए। (Indian Express)